पाक नागरिक से कराई पोर्न वेबसाइट डिज़ाइन, 22 देशों में फैला था नेटवर्क

नगर संवाददाता | इंदौर

हर महीने 60 से 80 हजार रुपए सैलरी मिलती थी

पोर्न फिल्म शूटिंग केस की जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही बड़ी जानकारियां भी सामने आ रहीं हैं। अब गिरोह के दो और आरोपी दीपक सैनी और केशव सिंह साइबर सेल के हत्थे चढ़े हैं। पॉर्न वेबसाइट पर वीडियो को दिखाने वाले प्लैटफॉर्म फिनियों मूवीज बनाने में दीपक सैनी का ही दिमाग है। उसने पाकिस्तान के हुसैन अली नाम के शख्स से यह प्लैटफॉर्म डिजाइन कराया था। जांच में पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क भारत समेत 22 देशों में फैला हुआ है। गिरोह लड़कियों को वेब सीरीज में काम दिलाने के बाहने अपने जाल में फंसाता था। गिरोह का मास्टरमाइंड भिड़ का रहने वाला बृजेंद्र सिंह गुर्जर 11 अगस्त को जा चुका है।

सायबर सेल एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि अल्ट बालाजी में वेब सीरीज बनाने के नाम पर एडल्ट वेब सीरीज बनाई जा रहीं थी। इसके बाद इन्हें पोर्न साइट पर डाला जा रहा था। फिनियों मूवीज का मालिक 30 साल का दीपक सैनी ग्वालियर का, जबकि उसका सहयोगी 27 साल का केशव सिंह मुरैना का रहने वाला है। दीपक ने इंदौर के एक कॉलेज से बीटेक किया है। 2019 में फ्रीलांसर वेबसाइट के जरिए वह पाकिस्तान के नागरिक हुसैन अली के संपर्क में आया।

पाकिस्तानी को पगार पर रखा था

दीपक ने बताया कि फिनियों मूवीज ओटीटी प्लैटफॉर्म तैयार कराने के लिए उसने पाक नागरिग हुसैन को 20 हजार रुपए दिए थे। फिनियों मूवीज का मैंटेनेंस का काम हुसैन ही देख रहा था। इसके लिए सैनी उसे 30 से 40 हजार रुपए महीना (पाकिस्तानी करंसी के हिसाब से 60 से 80 हजार रुपए) दे रहा था। वह अपना पूरा काम ग्वालियर से संचालित कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि फिल्म बनाने में डायरेक्टर बृजेंद्र गुर्जर, राजेश बजाड उर्फ राज गुर्जर, अंकित चावडा, मिलिंद डाबर, सुनील जैन, अनिल द्विवेदी, विजयानंद पांडेय, अजय गोयल, गजेंद्र सिंह, युवराज, प्रमोद सिमरिया, योगेन्द्र जाट भी शामिल हैं।

खुद बनाता और बनवाकर खरीदता था पॉर्न फिल्म

दीपक ने बताया कि ओटीटी प्लैटफॉर्म पर सबसे पहली फिल्म एलएसडी एक एडल्ट वेब सीरीज अपलोड की गई। इसमें लोगों का अच्छा रिस्पांस मिला। इसके बाद फिनियों मूवीज पर एडल्ट वेब सीरीज कम पैसों में बनाकर और बनवाकर अपलोड किया जाने लगा। इसके बाद वह माॅडल और डायरेक्टर का चयन कर अश्लील फिल्में बनवाने लगा। आरोपी ने अशोक सिंह से भी ‘लव इन लाॅकडाउन’, ‘माया’, ‘फ्रेंडशिप’ और ‘शांताबाई’ नाम की फिल्में खरीदीं। वह अश्लील फिल्मों के कारोबार को बढ़ाने के लिए फिनियों मूवीज जैसे और भी ओटीटी प्लैटफाॅर्म तैयार कराने की तैयारी में था।

22 देशें में फैला था गिरोह का नेटवर्क

फिनियों मूवीज को देश ही नहीं, विदेशों से भी जुड़े लोगों से मोटी रकम मिलने लगी थी। गिरोह ने धीरे-धीरे फिजियों मूवीज के नेटवर्क का विस्तार कर अमेरिका, कनाडा, टर्की, कुवैत इंडोनेशिया, मलेशिया सहित 22 देशों तक पहुंचा दिया। दीपक ने बताया कि विजयानंद पाण्डेय, अशोक सिंह को ‘शांताबाई’ और अन्य वेब सीरीज को अपने ओटीटी प्लैटफाॅर्म पर चलाने के लिए 4 से 5 लॉख रुपए दिए। राजेश बजाज उर्फ राज गुर्जर, अशोक सिंह और विजयानंद पाण्डेय के तार ओटीटी प्लैटफाॅर्म उल्लू, फ्लिज मूवीज के साथ भी जुड़े हैं। ये एडल्ट मूवीज बनाने का काम करते हैं।

मास्टरमाइंड गुर्जर भी आ चुका है गिरफ्त में

गिरोह का मास्टरमाइंड बृजेंद्र सिंह गुर्जर भिंड का रहने वाला है। उस राज्य साइबर सेल पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उसने बताया था कि फिल्म में काम दिलाने का लालच देकर लड़कियों से पॉर्न फिल्म में काम कराया जाता था। इंदौर में एरोड्रम क्षेत्र के फार्म हाउस पर भी एडल्ट मूवी की शूटिंग की गई थी। इस पूरे नेटवर्क को मुंबई में बैठे अशोक सिंह और विजयानंद पाण्डेय संचालित कर रहे थे।

मॉडल को 5 से 10 हजार रुपए देते थे

आरोपी बड़ा मुनाफा कमाने के लिए बिना एडिट किए ही इन फिल्म को पोर्न साइट्स पर बेच देते थे। काम के एवज में लड़कियों को 5 से 10 हजार रुपए दिए जाते थे। बृजेंद्र ने इंदौर में कई एडल्ट फिल्म और गाने शूट किए हैं। वह वेब सिरीज और सीरियल बनाने के लिए माडल्स की कास्टिंग करता था। बृजेंद्र हॉलीवुड मूवी में काम कर चुका है। उसका बॉलीवुड में बड़ा नेटवर्क है।

ऐसे हुआ गिरोह का भंडाफोड़

गिरोह का भांडा तब फूटा, जब एक मॉडल शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंची। धामनोद की रहने वाली मॉडल ने साइबर सेल पुलिस को बताया था कि वह इंदौर में मॉडलिंग करती है। दिसंबर 2019 में ओटीटी प्लैटफॉर्म पर बड़े बैनर में लॉन्च करने का कहकर बूजेंद्र ने उसे एरोड्रम रोड स्थित फार्म हाउस बुलाया था। वह अपने कॉस्टिंग डायरेक्टर दोस्त मिलिंद के साथ वहां पहुंची थी।

 

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