प्रधानमंत्री ने रोकी ‘मंत्री’ सूची, फैसला आज

प्रजातंत्र ब्यूरो | इंदौर/भोपाल

दो दिन की माथापच्ची के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल की जिस सूची को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और संगठन के नेताओं ने अंतिम रूप दिया था, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जाकर रुक गई। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री द्वारा सूची को रोक दिए जाने से मंगलवार सुबह प्रस्तावित शपथ समारोह की तैयारी ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के भोपाल लौटने का कार्यक्रम तक गड़बड़ा गया। शपथ पर अंतिम फैसला मंगलवार दोपहर बाद होगा। शिवराजसिंह को सोमवार रात ही भोपाल लौटना था मगर अब वे मंगलवार सुबह पहुंचेंगे। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को भी दिल्ली में ही रुकना पड़ा। ऐसे में नए मंत्रियों की शपथ एक-दो दिन टल भी सकती है।

राष्ट्रीय नेतृत्व के अलावा मुख्यमंत्री चौहान, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा दिए गए नामों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की सूची को फाइनल किया गया था। अंतिम मुहर प्रधानमंत्री को लगानी थी मगर वहां जाकर सूची अटक गई। सूत्रों की मानें तो इसमें कुछ नए नाम भी जुड़ सकते हैं। सूची रुकने के बाद दिल्ली में मौजूद प्रदेश के भाजपा नेता भी नहीं समझ पाए कि आखिर फाइनल किए गए नामों में ऐसे कौन से नाम हैं जिन्हें देख सूची को होल्ड करना पड़ा जबकि सिंधिया और नरोत्तम मिश्रा के साथ तालमेल बैठाते हुए वीडी शर्मा और मुख्यमंत्री ने सूची को फाइनल रूप देकर संगठन तक पहुंचाया था। मालूम हो कि मुख्यमंत्री, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और संगठन महामंत्री के साथ रविवार शाम दिल्ली गए थे। उन्होंने वहां केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की।

सिंधिया समर्थकों में इनके नाम

सिंधिया समर्थक अभी दो विधायक मंत्री हैं। जब उन्होंने कांग्रेस छोड़ी थी, तब सिंधिया के छह समर्थक मंत्री थे। यह सभी छह नेता मंत्री बनाए जाएंगे। इनमें प्रदुमन तोमर, प्रभु राम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसोदिया और इमरती देवी के नाम हैं। इनके अलावा राजवर्धन सिंह, इंदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल सिंह, रणवीर जाटव और हरदीप सिंह डंग भी मंत्री बनाए जा सकते हैं।

सोमवार सुबह गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी दिल्ली पहुंच गए। नई सरकार में वह भी एक नया पावर सेंटर हैं। उन्होंने भी गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। सूत्रों का कहना है कि सिंधिया के साथ जो कांग्रेस के 22 विधायक भाजपा में आए हैं, उनमें से 12 पहले से ही नरोत्तम मिश्रा और अरविंद भदौरिया के संपर्क में थे।

रायसेन से कौन ?

मुख्यमंत्री के प्रभाव वाले रायसेन जिले को लेकर भी विवाद है। मुख्यमंत्री यहां से रामपाल सिंह को भी मंत्री बनाना चाहते हैं, लेकिन सिंधिया समर्थक डॉक्टर प्रभु राम चौधरी के अलावा सुरेंद्र पटवा का भी यहां से नाम है। ऐसे में पटवा या रामपाल में से कोई एक मंत्री बनेगा।

सागर से भार्गव और भूपेंद्र में से एक

यही स्थिति सागर को लेकर भी है। वहां से गोविंद सिंह राजपूत मंत्री बन चुके हैं। अब गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह को लेकर माथापच्ची हो रही है।

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