प्रियंका बोलीं- हमें शर्म आनी चाहिए, राहुल भी बरसे

नई दिल्ली

पैदल पलायन पर बवाल कांग्रेस ने सरकार को घेरा, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मजदूरों को लाने के लिए नोएडा भेजी बस

कोरोना वायरस के कारण 21 दिनों की संपूर्ण देशबंदी की घोषणा के बाद से विभिन्न महानगरों से मजदूर अपने गांव को लौट रहे हैं, क्योंकि उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इस पर कांग्रेस ने जमकर अपना विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जहां सरकार को आड़े हाथों लिया है, वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि हमें ऐसी घटनाओँ पर शर्म आनी चाहिए।

राहुल ने ट्वीट करके लिखा कि सरकार इस भयावह हालत की जिम्मेदार है। नागरिकों की ये दशा करना एक बहुत बड़ा अपराध है। आज संकट की घड़ी में हमारे भाइयों और बहनों को कम से कम सम्मान और सहारा तो मिलना ही चाहिए। सरकार जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए ताकि ये एक बड़ी त्रासदी ना बन जाए। इससे पहले उन्होंने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से पलायन करने वाले लोगों को खाना-पानी देने की अपील की। उन्होंने लिखा कि आज हमारे सैकड़ों भाई-बहनों को भूखे-प्यासे परिवार सहित अपने गांवों की ओर पैदल जाना पड़ रहा है। इस कठिन रास्ते पर आप में से जो भी उन्हें खाना-पानी-आसरा-सहारा दे सके, कृपा करके दे! कांग्रेस कार्यकर्ताओं-नेताओं से मदद की खास अपील करता हूं। जय हिंद!

वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि इस स्थिति को लेकर कहा कि हम सभी को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने गरीबों के पैदल पलायन का एक वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया कि इन मजबूर हिंदुस्तानियों के साथ ऐसा सलूक मत कीजिए। हमें शर्म आनी चाहिए कि हमने इन्हें इस हाल में छोड़ दिया है। ये हमारे अपने हैं। प्रियंका ने कहा कि मजदूर देश की रीढ़ की हड्डी हैं। कृपया इनकी मदद करिए।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हज़ारों गरीब लोग अपने परिवार सहित उत्तर प्रदेश – बिहार पैदल जाने को मजबूर हैं। ये लोग कह रहे हैं कि कोरोना वायरस से नहीं, तो भूख से जरूर मर जाएंगे। उन्होंने सवाल किया कि क्या इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी का कोई जबाब नही।

योगी की बसों में सवार होने के लिए उमड़ी भीड़

मजदूरों को घर भेजने के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्नयाथ ने एक हजार बसों की व्यवस्था की है। इन बसों में बैठने के लिए लालकुआं गाजियाबाद और दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग बसों में चढ़ने के लिए धक्कामुक्की करते नजर आए। आनंद विहार बस अड्डे पर बेहाल लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मजदूर दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों से घंटों पैदल चलकर आनंद विहार टर्मिनल पहुंचने लगे, इस आस में कि उन्हें भी बस में जगह मिल जाएगी।

सिसोदिया ने की अपील… जो जहां है वही रहे

इस बीच दिल्ली-यूपी बॉर्डर के पास हालात का जायजा लेने पहुंचे डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार ने भी कुछ डीटीसी बसें मजदूरों को ले जाने के लिए उपलब्ध कराई हैं। डिप्टी सीएम ने कहा, मैं लोगों से अपील करता हूं जो जहां है वह वहीं रहे. हमने यहां (गाजीपुर) में स्कूलों को नाइट शेल्टर में तब्दील करना शुरू कर दिया है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे अपना घर न छोडें। बेघर लोग नाइट शेल्टर में रह सकते हैं। हम पूरी दिल्ली को खाना खिलाने की क्षमता रखते हैं।

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