पॉलिटिकल साइंस के पेपर में ‘नेहरू के चार नकारात्मक कदम बताएं’ जैसे सवाल पूछे गए

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। मणिपुर का 12वीं क्लास का पॉलिटिकल साइंस का पेपर खुद राजनीतिक चर्चा का कारण बन गया है। इसके चर्चा में आने के पीछे का कारण हर बार की तरह नेहरू और बीजेपी हैं।

दरअसल, इस पेपर में दो सवाल ऐसे थे जिन्हें लेकर विवाद छिड़ गया है। पेपर में भारतीय जनता पार्टी का चुनाव चिह्न (कमल) बनाने और राष्ट्र निर्माण की ओर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के चार नकारात्मक कदम बताने के लिए कहा गया था। विपक्षी दलों ने इसे बीजेपी को प्रमोट करने की कोशिश बताते हुए आलोचना की है।

मणिपुर में विपक्षी दलों ने रविवार को कक्षा 12 वीं के मणिपुर राज्य बोर्ड परीक्षाओं के राजनीतिक विज्ञान के पेपर में पूछे गए कुछ सवालों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

कांग्रेस विधायक और मणिपुर पीसीसी के प्रवक्ता जॉयकिशन ने आरोप लगाते हुए कहा, “इस तरह के सवाल छात्रों के बीच एक निश्चित प्रकार की राजनीतिक मानसिकता को स्थापित करने का एक प्रयास है। ऐसे सवालों के पीछे तर्क और उन सिलेबस पर गौर करने की जरूरत है, जिनसे उन्हें लिया गया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सवाल की क्या जरूरत थी, इस बात की जांच की जानी चाहिए। सीपीआई राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य मोईरंगथम नारा ने सवालों के ऊपर आपत्ति जताई है और कहा है कि यह एजुकेशन सिस्टम को राजनीतिक रंग देने की कोशिश है।

काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन मणिपुर (COHSEM) के अध्यक्ष एल महेंद्र सिंह ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया, “मैंने इस मुद्दे पर परीक्षा नियंत्रक से बात की और मुझे बताया गया कि प्रश्न ‘पार्टी सिस्टम इन इंडिया’ अध्याय से निर्धारित किए गए थे, जो राजनीतिक विज्ञान पाठ्यक्रम का एक हिस्सा है।”

राज्य के बीजेपी महासचिव एन निंबस सिंह ने कहा है कि छात्रों से राष्ट्र निर्माण की ओर नेहरू की कोशिशों के नकारात्मक पहलुओं के बारे में पूछा जाना सही था क्योंकि वह देश के पहले पीएम थे।

admin