राज्यसभा चुनाव का फैसला फिलहाल हुआ लॉकडाउन

नई दिल्ली

राजनीतिक दलों को झटका… 17 राज्यों की 55 राज्यसभा सीटों का मामला अटका, कई नेताओं के निर्विरोध निर्वाचन के बाद 18 सीटों पर होना था चुनाव

देश में लगातार कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए चुनाव आयोग ने 26 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव को टाल दिया है। हालांकि, अभी तक चुनाव की नई तारीखों का ऐलान नहीं किया है। खबरों के अनुसार चुनाव आयोग ने कहा है कि वह 31 मार्च के बाद हालात की समीक्षा करने का बाद कोई फैसला करेंगे। इससे पहले तक संभावना थी कि एहतियात के तौर पर राज्यसभा चुनाव पहले ले ही निर्धारित कार्यक्रम के तहत 26 मार्च को ही किए जाएंगे। ऐसा माना जा रहा था कि मास्क और सेनेटाइजर को इस्तेमाल करते हुए चुनाव कराए जाएंगे।

17 राज्यों की 55 सीटों पर मतदान किया जाना था। लेकिन, इसके बाद 18 मार्च तक नाम वापस लेने के लिए निर्धारित तारीख के बाद 37 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए थे। अब महज 18 सीटों पर ही मतदान होना है। ये सीटें झारखंड, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और गुजरात राज्य की हैं। इनमें से अधिकतर राज्यों में धारा 144 लगी होने की वजह से एक स्थान पर पांच लोगों से ज्यादा के एकत्र होने पर रोक लगी हुई है।

वसुंधरा राजे से चिंतित हो गई थी भाजपा

राजस्थान से राज्यसभा की दो सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होना थै। राज्य में सत्तारूढ़ दल कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाना शुरू कर दिया था। चुनावी तैयारियों में जुटी भाजपा के लिए मुसीबत यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने खुद को आइसोलेशन में कर रखा है। पिछले दिनों वसुंधरा राजे लखनऊ में सिंगर कनिका कपूर से एक डिनर पर मिली थी। कनिका कपूर के कोरोना पॉजिटिव होने पर वसुंधरा राजे और उनके सांसद बेटे दुष्यंत सिंह ने अपना टेस्ट कराया था, हालांकि उनके सैंपल नेगेटिव आए, लेकिन फिर भी वसुंधरा राजे और दुष्यंत सिंह ने खुद को 14 दिन के आइसोलेशन में रख लिया है। इसके बाद भाजपा का प्रदेश नेतृत्व इस विचार-विमर्श में जुटा है कि उन्हें राज्यसभा चुनाव में मतदान करने के लिए आने को लेकर तैयार कैसे किया जाए।

कोई दल नहीं चाहता था टले चुनाव

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच कहीं लॉकडाउन तो कहीं कर्फ्यू का सख्त आदेश जारी किया गया है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही चाहती थी कि राज्यसभा चुनाव तय तारीख यानी 26 मार्च को ही कराए जाएं। इस बीच 31 मार्च को खत्म होने वाले विधानसभा के बजट सत्र की अवधि कम कर दी गई है। गुजरात में राज्यसभा चुनाव में एक बार फिर दिलचस्प टक्कर दिख रही है। पांच विधायकों के इस्तीफे के बाद 182 सदस्यों की विधानसभा में कांग्रेस का संख्या बल 68 पर पहुंच गया है। बीजेपी के तीसरे और कांग्रेस के दूसरे कैंडिडेट की जीत अब निर्दलीय और दूसरी छोटी पार्टियों (बीटीपी और एनसीपी) के रुख पर निर्भर है। एनसीपी के कांधल जाडेजा ने बीजेपी के पक्ष में वोट देने का ऐलान किया है। वहीं बीटीपी के पिता-पुत्र छोटू वासावा और महेश वासावा की जोड़ी ने अभी रुख साफ नहीं किया है।

झारखंड में दो सीटों पर होना है चुनाव

रांची। झारखंड में दो सीटों के लिए यूपीए गठबंधन की ओर से जेएमएम अध्यक्ष शिबू सोरेन और कांग्रेस के शहजादा अनवर मैदान में हैं, जबकि बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को प्रत्याशी बनाया है। झारखंड विधानसभा में संख्याबल के आधार पर जेएमएम के शिबू सोरेन का तीसरी बार राज्यसभा जाना तय है। उन्हें जीत के लिए 28 वोट चाहिए, जबकि पार्टी के 29 विधायक हैं। बीजेपी के दीपक प्रकाश की भी जीत तय मानी जा रही है। भाजपा के 26 और आजसू के दो वोट से उनकी भी जीत होती दिख रही है। निर्दलीय अमित यादव ने भी दीपक प्रकाश को समर्थन देने का ऐलान किया है। दीपक प्रकाश को जीत के 27 वोट चाहिए। हालांकि कांग्रेस के पास जीत का आंकड़ा नहीं दिख रहा। शहजादा अनवर को जीत के लिए 27 वोट चाहिए, लेकिन मात्र 20 वोट मिलता दिख रहा है।

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