200 सेंपलों की रिपोर्ट चार दिन बाद भी नहीं आई, मरीज-परिजन चिंता में

संतोष शितोले | इंदौर

पॉजिटिव के कांटेक्ट सोर्स के रूप में सेंपल देने के बाद भी नहीं मिल रही रिपोर्ट

कोरोना के फैलते संक्रमण के बीच शुक्रवार को एक भी मौत नहीं होने, 35 मरीजों को डिस्चार्ज करने तथा 50 मरीजों के पॉजिटिव जैसे सुखद पहलुओं से शहर के लोगों को राहत जरूर मिली है लेकिन यह कब तक बनी रहेगी यह स्पष्ट नहीं है। हालांकि कलेक्टर ने दो दिन पहले ही 248 पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर स्पष्ट किया था कि बैकलॉग लगभग खत्म हो चुका है। वहीं अभी शहर के करीब 200 ज्यादा ऐसे लोगों की रिपोर्ट आना बाकी है जो 4-5 दिनों से इंतजार की बाट जोह रहे हैं।

ये सेम्पल इंस्टिट्यूट ऑफ बॉयोलॉजिकल्स, नेशनल इंस्ट्यिूट ऑफ वायरोलॉजी (दिल्ली) या एमजीएम मेडिकल कॉलेज में, कहां पेंडिंग है, स्पष्ट नहीं है। इसके चलते परिजन व रहवासी असमंजस में हैं क्योंकि इन्हें न तो अभी पॉजिटिव माना जा सकता है और न ही नेगेटिव।
12 अप्रैल को एमजीएम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. ज्योति बिंदल ने बताया था कि जिले में रोजाना 600 से 800 नए सेम्पल लिए जा रहे हैं। एमजीएम कॉलेज की लैब की क्षमता तीन मशीनों से पांच गुना होने के बाद भी अधिकतम 200 सेम्पल टेस्ट किए जा रहे हैं। इसके चलते शासन के आदेश पर 1300 सेम्पल विशेष विमान से दिल्ली की दो लैबों में भेजे गए हैं। इधर तब सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जडिया ने 1500 सेम्पल भेजे जाने की बात कही तो कुछ अधिकारियों ने 1700 सेम्पल भेजा जाना बताया।

बहरहाल, इसके बाद 13 अप्रैल को जो रिपोर्ट आई उसमें एमजीएम मेडिकल कॉलेज की ओर से 56 पॉजिटिव बताए गए। इसमें दिल्ली लैब की रिपोर्ट का कोई जिक्र नहीं था। 14 अप्रैल की रिपोर्ट में 99 पॉजिटिव बताए गए। इसमें एमजीएम में 84 व बीएचआरसी में 15 बताकर कुल 99 पॉजिटिव बताए गए। इसमें भी दिल्ली की दोनों लैबों की रिपोर्ट का कोई जिक्र नहीं है। फिर 15 अप्रैल को जो रिपोर्ट आई उसमें एमजीएम कॉलेज ने 179 सेम्पल टेस्ट होना बताए जिसमें 76 पॉजिटिव बताए गए जबकि 14 सेम्पल रिजेक्ट किए गए। इसी दिन फिर पहली बार (12 अप्रैल को सेम्पल इंदौर से दिल्ली भेजे जाने के बाद) नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल (एनआईबी) की ओर से 403 सेम्पल टेस्ट करना बताए गए जिसमें से 125 पॉजिटिव पाए गए जबकि 15 संभावित पॉजिटिव व 14 रिजेक्ट किए गए।

16 अप्रैल की रिपोर्ट में एमजीएम कॉलेज ने 356 सेम्पल टेस्ट किए। इसमें से 26 पॉजिटिव पाए गए जबकि 14 रिजेक्ट किए गए। इसी दिन एनआईबी (दिल्ली) की दूसरी रिपोर्ट में 642 सेम्पल टेस्ट करना बताए गए। इसमें से 222 पॉजिटिव पाए गए व 7 रिजेक्ट किए हुए। इस तरह कोरोना को लेकर पहली बार एमजीएम के 22 और एनआईबी के 226 पॉजिटिव मिलाकर आंकड़ा 248 पहुंचा जो चौंका देने वाला था। 17 अप्रैल को कलेक्टर मनीषसिंह ने स्पष्ट किया कि 248 का आंकड़ा बैकलॉग होने के कारण ज्यादा रहा। इनमें से अधिकांश क्वारेंटाइन में हैं। फिर इसी रात (शुक्रवार) को जो रिपोर्ट आई उसमें न तो एमजीएम, एनआईबी और न एनआईवी लैब का जिक्र है। इसमें केवल इतना बताया कि 50 पॉजिटिव आए हैं और कुल पॉजिटिव की संख्या 892 बताई गई जबकि 47 की मृत्यु का आंकड़ा यथावत बताया गया। अब अगर दिल्ली लैब के आंकड़े पर गौर करें तो टेस्टिंग, संभावित पॉजिटिव व रिजेक्ट सेम्पलों की संख्या 642 व 403 मिलाकर कुल 1045 है।

इसमें शुक्रवार के 50 पॉजिटिव सेम्पल दिल्ली लैब के ही मान लिए जाए (हालांकि रिपोर्ट में कौन सी लैब, नहीं बताया) तो भी यह संख्या 1095 होती है। ऐसे में एमजीएम कॉलेज की डीन के 1300 सेम्पल भेजे जाने को सही माने तो भी बचे 200 सेम्पल, सीएमएचओ के 1500 सेम्पल भेजे जाने को माने तो 400 सेम्पल और 1700 की माने तो 600 सेम्पल हैं जो किन स्थितियों में है, जानकारी नहीं है। सिर्फ डीन के 1300 के सेम्पल दिल्ली भेजे जाने के बयान के बाद भी बाकी 205 सेम्पल की रिपोर्ट अब दिल्ली में है या एमजीएम लैब में, स्पष्ट नहीं है। वैसे यह आंकड़ा औसतन 300 तो है ही।

स्वास्थ्यकर्मी संदिग्ध मरीजों व परिजनों का सेंपल घर-घर जाकर ले रहे हैं

जिले में रोजाना 600 से 800 नए सेम्पल लिए जा रहे हैं। एमजीएम कॉलेज की लैब की क्षमता तीन मशीनों से पांच गुना होने के बाद भी अधिकतम 200 सेम्पल टेस्ट किए जा रहे हैं। दिल्ली भेजे जाने के बाद भी सेंपल का बैकलॉग बढ़ता जा रहा है। इससे मरीजों के परिजन व संदिग्ध लोग सहमे हुए हैं।

यहां मची है उहापोह की स्थिति

इधर, ऐसे मरीज जिनके 4-5 दिनों बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली हैं वे ईएसआई, अरबिंदो, एमआरटीबी, गोकुलदास, एमटीएच आदि में भर्ती हैं। कुछेछ की तो मौत भी हो चुकी है। उनके परिवारों को क्वारेंटाइन व निवास को सेनिटाइज किया गया है। फिर भी संदेही मरीज पॉजिटिव है या नेगेटिव इसे लेकर परिजन व रहवासियों में उहापोह की स्थिति है। रिटायर्ड हेड कांस्टेबल राजाराम ढाकोने जिनकी मौत हुई है, उनकी भी रिपोर्ट नहीं मिली है। ऐसे ही ईएसआई में ब्लड बैंक के भर्ती तीन टेक्निशियनों की रिपोर्ट भी अभी नहीं मिली है। इसके अलावा क्वारेंटाइन किए गए 8 टेक्निशियन के रैपिड कैटेगिरी में जो सेम्पल भेजे गए थे, वे जरूर पॉजिटिव आए हैं।

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