मजनू का टीला गुरुद्वारा से 300 का रेस्क्यू कई को कोरोना की आशंका, बढ़ेगा खतरा

नई दिल्ली

आपराधिक लापरवाही… दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज के बाद एक और हैरान करने वाली घटना, देश में जारी लॉकडाउन के बीच राजधानी के गुरुद्वारा में तीन दिन से रह रहे थे सैकड़ों लोग

दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज के बाद बुधवार को ऐसा ही एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां मजनू के टीला गुरुद्वारे में तीन दिन से 300 लोग फंसे हुए थे, जिन्हें रेस्क्यू किया गया। इनमें से कई लोगों में कोरोना के संक्रमण की आशंका जताई गई है। अब चिंताजनक बात यह है कि ये लोग जहां भी जाएंगे, वहां संक्रमण फैलाएंगे। वहीं पाकिस्तान में तबलीगी जमात की मनमानी के चलते देश में कोहराम मच गया है, वहां जमात में शामिल हुए दर्जनों लोग संक्रमण के शिकार हो गए हैं।

दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज के बाद कोरोना वायरस को लेकर लागू लॉकडाउन के बीच मजनू के टीला गुरुद्वारे से 300 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। बताया जा रहा है कि बॉर्डर सील होने की वजह से लोग फंसे हुए थे। रेस्क्यू के बाद सभी लोगों को नेहरू विहार के एक स्कूल में सभी लोगों को रखा गया है। सरकार ने कार्रवाई करते हुए मजनू का टीला गुरुद्वारा को सील कर दिया है। नॉर्थ डीसीपी, दिल्ली के मुताबिक, कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण 28 मार्च से उत्तरी दिल्ली के मजनू-का-टीला गुरुद्वारा में फंसे लगभग 300 लोगों को नेहरू विहार के एक स्कूल में शिफ्ट किया गया है। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक, 32 लोगों को एक स्कूल में आइसोलेशन के लिए रखा गया है। कुछ लोगों को 4 से 5 बसों में भरकर पंजाब भेजा जा चुका है,

जानकारी के अनुसार दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने दिल्ली में फंसे पंजाब के लोगों को अमृतसर तक भेजने के लिए दिल्ली कमेटी तथा शिरोमणि कमेटी की तरफ से एक अपील की गई। साथ ही दो दो बसें भेजने का ऐलान किया गया। बस को भेजने का समय 29 मार्च को सुबह 6 बजे का बताया गया था। जिसके बाद दिल्ली में फंसे पंजाब के रहने वाले लोग बड़ी संख्या में गरुद्वारा मजनू टीला साहब पहुंच गए। वहां पहुंचने के बाद कमेटी स्टाफ ने बकायदा पंजाब जाने के इच्छुक लोगों के नाम और आधार कार्ड नंबर रजिस्टर्ड किए। इसके बाद लगभग 400 लोगों की संख्या सामने आई। ज्यादा भीड़ को देखकर हड़बड़ी में कमेटी ने दो बसों को गुरुद्वारे से कुछ लोगों को रवाना कर दिया। साथ ही 300 से अधिक लोगों को यह दिलासा दी कि आप गुरुद्वारे के लंगर हाल में रुकिये, यहां लंगर की पूरी व्यवस्था है, दूसरे दिन बसों की व्यवस्था करके भेजा जाएगा। लेकिन 29 मार्च को बसों की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई।

मेडिकल जांच कराने के बाद घर भेजें

30 मार्च को कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को ट्वीट कर गुरुद्वारा मंजनू टीला में रुके हुए पंजाब के लोगों को पंजाब वापस ले जाने के लिए बसें देने की मांग की। भारी भीड नजर आ रही थी। सिरसा ने कहा कि गुरुद्वारा मजनू टीला में फंसे हुए लोगों में से कुछ को कोरोना संक्रमण के लक्षण नजर आ रहे हैं, इसलिए सरकार इनको मेडिकल जांच कराकर इनको घरों तक भेजे।

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