800 जिंदगियां बचाने वाले योद्धा डॉ.जोशी को सलाम

कीर्ति राणा|इंदौर

चार दिन में स्वस्थ होकर लौटने का कहकर इंडेक्स ग्रुप के चेयरमैन से बोले थे – सर मैं आ रहा हूं आप पीजी एग्जाम की टेंशन मत लेना….!

करीब ढाई महीने से कोरोना संक्रमित मरीजों की प्राण रक्षा में जुटे डॉ. अजय जोशी शहीद हो जाएंगे इसका विश्वास इंडेक्स कॉलेज का स्टॉफ-स्टूडेंट कैसे कर ले। टी चोईथराम अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल डॉ. जोशी की हालत में तेजी से सुधार हो रहा था। कहां तो माना जा रहा था कि दो-चार दिन में स्वस्थ होकर वे घरलौट जाएंगे और कहां खबर आ गई कि डॉ. जोशी अब कभी नहीं लौटेंगे। आठ सौ से ज्यादा मरीजों को स्वस्थ कर उनके घर लौटा चुके डॉ. जोशी खुद इस बीमारी से हार गए। 25 मई को उन्होंने एहतियातन अपना कोरोना टेस्ट करवाया। पॉजिटिव आने पर उनका इलाज किया जा रहा था। इंडेक्स ग्रुप अपने इस योद्धा के जाने से स्तब्ध है।

अभी दो दिन पहले ही उन्होंने चेयरमेन सुरेश भदोरिया से फोन पर बातचीत में कहा था सर मैं दो दिन मैं ठीक होकर आ रहा हूं। आप पीजी एग्जाम का टेंशन मत लेना। मैं ठीक हो गया हूं, मैं एग्जाम संबंधी सारी प्रिपरेशन कर रहा हूं।

रात-दिन सक्रिय रहे कोरोना मरीजों के बीच

डॉक्टर जोशी को याद करते हुए भदौरिया का गला भर आया। कहने लगे चोईथराम में दाखिल थे, ठीक भी हो रहे थे फिर अचानक ऐसी खबर कैसे आ गई….! विश्वास ही नहीं हो रहा है। इंडेक्स परिवार से तो दस साल से जुड़े हुए थे। सर्जरी विभाग के एचओडी थे और ढाई महीनों से कोरोना पेशेंट को रोगमुक्त कर घर भेजने के लिए सहयोगी डॉक्टरों की टीम के साथ रात-दिन उपचार में भिड़े रहते थे। उस दिन जब मंत्री तुलसी सिलावट ठीक हुए मरीजों को विदा करने आए और बाद में भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय और सांसद शंकर लालवानी भी आए थे तब ठीक हुए मरीजों की केस हिस्ट्री बताने से लेकर अपनी टीम की मेहनत के बारे में बताते रहे।

पत्नी भी डॉक्टर हैं : कोरोना शहीद डॉ. अजय जोशी का परिवार श्रीनगर इंदौर में ही रहता है। उनकी पत्नी श्रीलेखा भी डॉक्टर हैं। वे पीडियाट्रिशन हैं और निजी प्रेक्टिस करती हैं। दो संतान में बेटे शर्मन जोशी ने आरडी गाड मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कंप्लीट किया है और पीजी कॉउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं। बेटी सुचिता जोशी साॅफ्टवेयर इंजीनियर हैं और पुणे में निजी कंपनी में जॉब कर रही हैं। लॉकडाउन के चलते दोनों इंदौर में ही हैं।

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