कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष की तरफ से पीएम को सातवां खत, अब की गई ये मांग

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।  

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एकबार फ‍िर चिट्ठी लिखी है। ये सोनिया की तरफ से मोदी को सातवीं चिठ्ठी है। उन्‍होंने शनिवार को लिखे अपने पत्र में प्रधानमंत्री से एमएसएमई क्षेत्र को आर्थिक संकट से उबारने के लिए वित्तीय पैकेज की घोषणा करने की मांग की है।

कांग्रेस अध्‍यक्ष ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगो के दोबारा शुरू करने के लिए कुछ सुझाव भी दिए है। सोनिया गांधी ने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री को सेक्टर के लिए एक लाख करोड़ के वेज प्रोटेक्‍शन पैकेज का ऐलान करना चाहिए।


सूक्ष्म और लघु उद्योग सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है

सोनिया ने कहा कि सूक्ष्म और लघु उद्योग सेक्टर हर दिन 30 हजार करोड़ के नुकसान के दौर से गुजर रहा है। इसे लॉकडाउन के असर से उबारना जरूरी है, क्योंकि यही भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इस पर ध्यान नहीं दिया तो इकोनॉमी को बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा। इसलिए सरकार को तत्काल इस विषय में कदम उठाना चाहिए। राहत पैकेज से उद्योग सेक्टर में मनोबल बढ़ेगा।

लोन के पेमेंट की अवधि और ज्यादा बढ़ाई जाये

रिजर्व बैंक ने लोन के पेमेंट के लिए जो तीन महीने की अवधि बढ़ायी है उसे और ज्यादा बढ़ाया जाये। सोनिया गांधी का मनना है कि एमएसएमई यूनिट के लिए ‘मार्जिन मनी’ की मौजूदा सीमा भी ज्यादा है और कर्ज लेने में कई दिक्कतें हैं जिन्हें सुलझाने की कोशिश होनी चाहिये।

पत्र के आखिर में सोनिया गांधी ने ये भी लिखा है कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अपना निरंतर सहयोग जारी रखेंगे – और ये काम हम केवल मिलकर ही कर सकते हैं।

बीते दिनों के पत्र में क्या लिखा था

बीते दिनों लिखे गए पत्र में सोनिया गांधी ने कहा था कि कोरोना के खिलाफ जंग में सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि किसी नागरिक के सामने भुखमरी का संकट पैदा नहीं हो। लॉकडाउन के कारण देश में लाखों गरीब लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं जो बहुत दुखद है जबकि देश के पास बहुत ज्यादा अन्न भंडार मौजूद है।

कांग्रेस अध्‍यक्ष ने कहा था कि भंडारों में पड़े अनाज राज्यों को मुहैया कराने से भारतीय खाद्य निगम को रबी की उपज को खरीदने में सहूलियत होगी क्योंकि भंडारों में जगह बन जाएगी।

अपने ट्वीट में ऐसा क्या लिख दिया कांग्रेस ने

पहले तो कांग्रेस नेताओं ने देश में लॉकडाउन लागू किये जाने पर सरकार के प्रति समर्थन जताया था लेकिन बाद में आरोप लगाने लगे कि बगैर तैयारी के देश में लॉकडाउन लागू कर दिया गया।

लॉकडाउन की तुलना नोटबंदी से करते हुए कांग्रेस के ट्वीट में लिखा है कि ऐसे फैसले अगर अचानक और बगैर तैयारी के लिए जाते हैं तो नतीजा बेहद गंभीर होता है। कांग्रेस का मानना है कि हड़बड़ी में लिए जाने वाले ऐसे फैसलों से महज आर्थिक नुकसान ही नहीं होता, नोटबंदी की तरह इसकी भी बड़ी कीमत चुकानी होगी।

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