101 दिन के बाद शाहीन बाग़ हुआ खाली, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

एक वक़्त के बाद ऐसा माहौल बन गया था जैसे कभी शाहीन बाग़ खाली देखने को नहीं मिलेगा। यहाँ तक कि कोरोना वायरस का कहर भी शाहीन बाग़ की महिलाओं को नहीं हिला पा रहा था। लेकिन आज सुबह से वहां का मंजर कुछ और ही है शाहीन बाग़ खाली है महिलाएं अपने घरों में हैं।

दरअसल जहाँ प्रदर्शनकारी बैठते थे वो दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है जो लगभग 101 दिन से जाम पड़ा था। शाहीन बाग़ का मोर्चा 15 दिसंबर से शुरू हुआ था। अभी तक इनको हटाने की तमाम कोशिश की गयी लेकिन वो अपने हक़ को ले कर डटे रहे। यहाँ तक कि कोरोना वायरस के खतरे के बावजूद भी ये धरना खत्म करने को तैयार नहीं पर थे।

आज सुबह दिल्ली पुलिस ने कोरोना वायरस और धारा-144 की दलील देते हुए एक घंटे में यह कार्रवाई की।  इस दौरान पुलिस ने 6 महिलाओं और 3 पुरुषों को हिरासत में ले लिया गया है। अभी भी मौके पर भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। पुलिस का कहना है कि हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शनस्थल को खाली कराना चाहते थे। दिल्ली पुलिस ने शाहीन बाग को खाली करवाने के लिए क्रेन की मदद भी ली। ऐसे प्रदर्शन से जुड़ी चीजों को हटाने के लिए किया गया।

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी ने कहा, “प्रदर्शन वाली जगह से लोगों को हटा दिया गया है। आने-जाने के लिए रास्ते को खाली कराया जा रहा है। इस कार्रवाई के लिए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स बुलाई गई थी। हमने प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपील की थी कि कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन की वजह से यहां से हट जाएं। लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हटा दिया है।” 

इससे पहले शाहीन बाग में लोगों से 31 मार्च तक प्रदर्शन स्थल से दूरी रहने और घर बैठकर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी मुहिम को जारी रखने की अपील की गई थी।

वहीं बीते शनिवार को इंडिया इस्लामिक सेंटर में प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की मीटिंग हुई थी, जहां  दो पक्षों के बीच झगड़ा भी हुआ। एक ग्रुप चाहता है कि शाहीन बाग खुले। दूसरा चाहता है कि नहीं खुले, फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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