प्रदेश में चौथी बार शिवराज

प्रजातंत्र ब्यूरो|भोपाल

राजनीति का रथ… भाजपा ने बुलाई विधायक दल की बैठक, 100 से ज्यादा विधायक आए नेता चुनने

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल लालजी टंडन ने उनको पद की शपथ दिलाई। इससे पहले, भाजपा के विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें शिवराज को नेता चुना गया। शिवराज प्रदेश के 28वें मुख्यमंत्री हैं। वे मुख्यमंत्री पद की चौथी बार शपथ लेने वाले इकलौते नेता हैं। शिवराज ने तीन बार मुख्यमंत्री रहने वाले स्वर्गीय अर्जुन सिंह का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

अभी तक अर्जुन सिंह और शिवराज ही ऐसे नेता थे जो तीन-तीन बार मुख्यमंत्री रहे थे। चौथी बार सीएम पद की शपथ लेकर शिवराज ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। इससे पहले लगातार साढ़े 13 साल तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है। प्रदेश के इतिहास में श्यामाचरण शुक्ल, सुंदरलाल पटवा, मोतीलाल वोरा और दिग्विजय सिंह 2-2 बार मुख्यमंत्री रहे हैं।

हमारे फैसले और काम बोलेगा : शिवराज

भाजपा मेरी मां है और मां की लाज कीमत चुका कर अदा करूंगा। कोरोना आज हम सबके लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसे हम सब मिलकर हराएंगे। 15 महीने में पिछली सरकार ने प्रदेश में तबाही और बर्बादी की। हम जनकल्याण करेंगे। हम मप्र को नंबर एक राज्य बनाएंगे।

इन कारणों से चौहान को चुना गया

उपचुनाव : प्रदेश में होने वाले 24 उपचुनावों से लेकर विधायक दल को एकजुट रखने की चुनौती का सामना लंबा अनुभव रखने वाले शिवराज ही कर सकते हैं।

पिछड़ा वर्ग : शिवराज हिंदी बेल्ट में पिछड़ा वर्ग का एक बड़ा चेहरा हैं। पिछड़ा वर्ग की आबादी 52% है। उपचुनाव में भी पिछड़ा वर्ग व किरार मतदाता बड़ी संख्या में हैं।

जनता की सहानुभूति : आम जनता में 2018 के चुनाव नतीजों के बाद आज भी शिवराज सिंह चौहान के प्रति सहानुभूति है। इनकी सरलता और किसान पुत्र होना भी सफलता का राज है।

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