लड़कियों को भाऊ की सुननी चाहिए या रोडीज़ के मुखियाओं की?

विभव देव शुक्ला

युवाओं को केंद्र में रख कर चलने वाला एक चैनल है एमटीवी। एमटीवी पर वैसे तो तमाम कार्यक्रम आते हैं लेकिन एक कार्यक्रम ऐसा है जो अक्सर लोगों की चर्चा का मुद्दा बना रहता है। दुनिया उस कार्यक्रम को ‘रोडीज़’ कहती है, वही रोडीज़ जिस पर युवा अपनी बहादुरी और आज़माइश भाँपते रहते हैं। लेकिन रोडीज़ का ज़िक्र हो और गालियों की बात न छिड़े तो पूरी बहस अधूरी ही रहती है।

समय के साथ कितना बदला
चाल्स डारविन का सिद्धांत है कि ‘परिवर्तन समय की सबसे बड़ी मांग है, यह हमेशा होते रहना चाहिए।’ लिहाज़ा समय के रोडीज़ की शक्ल सूरत में खूब बदलाव हुए हैं, पहले इस कार्यक्रम के अगुवा दूसरे लोग हुआ करते थे और कोई और हुआ करते हैं। समय के साथ इकलौती चीज़ जो नहीं बदली, कार्यक्रम में परोसी जाने वाली गालियां।
जिन गालियों की रफ़्तार और मात्रा बेहिसाब है, जिन गालियों की न दिशा है और न ही दशा, न वजह है और न ही असर। सम्पूर्ण गालियां महज़ इसलिए सहेजी, परोसी और जताई जाती हैं क्योंकि उनकी खोज हुई है। दुनिया में मौजूद गालियों का भले कुछ न कुछ किया जा सकता है लेकिन इस कार्यक्रम की गालियों का कोई उपचार नहीं है, वह अनिवार्य रूप से जन्म लेती है और समाज में अपने हिस्से का विस्फोट करती ही हैं।

लड़की को हिट किया
खैर इस कार्यक्रम की खासियत का उल्लेख करते-करते असल मुद्दा हल्का पड़ गया। फिलहाल रोडीज़ का प्रसारण अपने तय समयानुसार हो रहा है लेकिन गुज़रे कुछ दिनों से यह काफी चर्चा में है। हाल ही में इस कार्यक्रम की चयन प्रक्रिया जारी थी, उसका प्रसारण टेलीवीज़न पर हो रहा था। इस दौरान एक नवयुवक रोडीज़ की चयन प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए सामने आया। उसने अपने निजी जीवन के बारे में बताया शुरू किया, कार्यक्रम के एक अगुवा ने नवयुवक से प्रश्न किया ‘क्या आपने आज तक किसी महिला को हिट (मारा) किया है?’

लड़की ने धोखा दिया
नवयुवक ने प्रश्न का जवाब बेहद ईमानदारी से दिया, युवक ने कहा ‘हाँ मैंने मारा है लेकिन मुझे इसका पछतावा भी है।’ मैंने आज तक जो भी काम किया है पूरे दिल से किया है, जब मैंने लड़की से प्यार किया तो मुझे उससे बस एक चीज़ की उम्मीद थी ‘वफ़ादारी’। फिर मुझे पता चला कि वह मेरे साथ धोखा कर रही है, लड़की के मेरे अलावा 5 और बॉयफ्रेंड थे। मैंने सभी को एक साथ खड़ा किया, लड़की को भी सामने ले आया। मैं कुछ और भी कर सकता था पर मैंने उसको चांटा लगा दिया क्योंकि वह जो कर रही थी, बहुत गलत था।

यह लड़की की मर्ज़ी
यहीं से मामले पर कलह शुरू होती है, लड़के का जवाब सुनने के बाद कार्यक्रम की इकलौती महिला अगुवा ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा ‘जो तू बोल रहा है न लड़की एक नहीं 5 लड़कों के साथ गई थी, सुन मेरी बात यह पूरी तरह उसकी पसंद है। तुम लड़की को बांध कर नहीं रख सकते हो कि
‘मैं तुम्हारे साथ रिश्ते में हूँ अगर तू धोखा करेंगी तो मैं तेरे साथ गलत करूंगा।’ शायद दिक्कत तुम्हारे साथ है, सबसे पहले अपने आप को देखो। इसके बाद कार्यक्रम की महिला अगुवा ने अपने वाक्य में गाली फिट करके चीखते हुए कहा ‘तेरे पास उस लड़की को थप्पड़ मारने का कोई अधिकार नहीं है। और क्या करता तू आगे जाकर उसके साथ?’

खूब हुई ट्रोलिंग
खैर यह मामले का एक पक्ष था, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। लोगों ने इस वीडियो पर जम कर प्रतिक्रिया दी, सोशल मीडिया की भाषा में कहें तो रोडीज़ की इकलौती महिला अगुवा अपनी बातों के चलते कई दिनों तक सोशल मीडिया पर खूब ‘ट्रोल’ हुईं। ट्वीटर पर तो पूरे एक दिन उनका नाम भी ट्रेंड में रहा लेकिन इन सारी बातों के बावजूद एक प्रतिक्रिया ऐसी थी जो फिलहाल खूब चर्चा में है। वह प्रतिक्रिया है अपनी गालियों के ज़रिये सोशल मीडिया पर मशहूर हुए ‘हिन्दुस्तानी भाऊ’ की।

बस एक लड़की से प्यार
लगभग 2 मिनट से थोड़ा ज़्यादा समय के वीडियो की शुरुआत में ही भाऊ ने साफ कर दिया है कि वीडियो में वह अपने शब्दों से किसकी सेवा करने वाले हैं। इसके बाद भाऊ ने वीडियो में रोडीज़ का नाम भी बेहद अनैतिक तरीके से लिया और यह सुनने समझने वाले बता सकते हैं कि उसे गाली की श्रेणी में रखा जाएगा या नहीं। भाऊ की तमाम बातों का सारांश कुछ ऐसा था,
लड़की ने लड़के को चू# बनाया क्योंकि वह एक वक्त पर कई लड़कों के साथ थी। इस पर लड़के ने लड़की को थप्पड़ मारा, अब आप बताइये लड़का क्या करता? फ़िनायल पीता, घासलेट पीता, आत्महत्या करता या फाँसी लगाता, क्या करता? आप कहते हैं लड़की की मर्ज़ी, वह कुछ भी करे अरे कुछ भी कैसे करेगी? लड़का भी प्यार करता है ‘एक ही लड़की से बस’!

पूरी पीढ़ी को मत बोलो
उसने धोखा दिया, बस खत्म। आखिर लड़कियां भी यही चाहती हैं कि लड़के उनके साथ उम्र भर रहें, उन्हें धोखा न दें और लड़का भी यही चाहता है कि वह धोखा न खाएं। लेकिन कुछ लड़के और लड़कियां जैसे आप (रोडीज़ वाले) कह रहे हैं, रखो न 100-150 और मज़े करो पर पूरी पीढ़ी को मत बोलो। सब लड़कियों को मत बोलो कि वह जो करना चाहती हैं, करें। ऐसा नहीं बोलना, बुरी बात है न!
आप बोलती हैं इज्ज़त करो, आपने क्या किया उस लड़के के साथ, कितनी गंदी-गंदी गालियां दीं? हालाँकि इसके पहले कार्यक्रम की महिला अगुवा ने सोशल मीडिया पर अपने हिस्से ही सफाई पेश की थी लेकिन तब तक बात बहुत आगे बढ़ चुकी थी। वैसे भी पूरा मामला बेहद त्वरित (इम्पल्सिव) था इसलिए, पलक झपकते ही सब कुछ हो गया।

सोशल मीडिया पर रोडीज़ से जुड़ा एक ट्रोल खूब चर्चा में था,
‘रोडीज़ ऐसा कार्यक्रम है जिसमें माँ बहन की गालियां देकर लड़कियों की इज्ज़त करने के लिए कहा जाता है।’

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