सिंघु बॉर्डर को खाली कराने को लेकर स्थानीय लोगों का प्रदर्शन, पांच पुलिसकर्मी घायल

नई दिल्ली । कृषि कानूनों के विरोध में सिंघु बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों से धरनास्थल खाली करवाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने शुक्रवार दोपहर को प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों पक्षों में झड़प हुई और एक-दूसरे पर पथराव भी किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसानों के इस तरह से दो महीने से भी अधिक समय से प्रदर्शन के चलते न केवल कारोबार प्रभावित हुआ है, बल्कि सैकड़ों लोग बेरोजगार हो चुके हैं। इस दौरान हुई झड़प में पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

उक्त हंगामे से पहले दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन आंदोलनरत किसानों से मिलने पहुंचे थे। सत्येंद्र जैन के बाहर निकलते ही अचानक स्थानीय लोगों की भीड़ सिंघु बॉर्डर के पास पहुंच गई और किसानों के खिलाफ नारेबाजी करने लगी। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस दौरान आंदोलनकारियों के साथ हुई झड़प में अलीपुर थाने के एसएचओ पर प्रदर्शनकारियों ने तलवार से हमला कर दिया। उनके हाथ पर चोटें आई हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि किसानों के इस तरह से दो महीने से भी अधिक समय से प्रदर्शन के चलते न केवल कारोबार प्रभावित हुआ है, बल्कि सैकड़ों लोग बेरोजगार हो चुके हैं। खबर लिखे जाने तक भारी हंगामा जारी है।

सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार सुबह से ही सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। अर्धसैनिक बलों के जवान 15 अतिरिक्त कंपनियां तैनात हैं। स्थानीय पुलिस के साथ स्पेशल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर संजय सिंह खुद मौके पर मौजूद हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार ब्रीफिंग कर रहे हैं। दो दिनों से ज्यादातर समय स्पेशल कमिश्नर अलीपुर थाने में ही मौजूद रहते हैं।

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