अफगानिस्तान के युद्धग्रस्त इलाके में ‘टीमिया’ ला रही मुस्कान

काबुल

अफगानिस्तान के युद्धग्रस्त क्षेत्र से गोलीबारी और विस्फोट की तस्वीरें सामने आती हैं और जानमाल को हुए नुकसान को देखकर अक्सर मन परेशान हो जाता है, लेकिन इस इलाके में आम लोगों गम के बीच अपने जीवन को खुशहाल बनाने में जुटे रहते हैं। उनकी जिंदगी में आजकल खुशी की एक वजह रोबॉट वेट्रेस बनी हुई है। जी हां, रोबॉट वेट्रेस। इसका नाम है ‘टीमिया’।

टीमिया की हाइट पांच फुट है और यह अभी छोटे-छोटे काम करती है। इसकी एक विशेषता यह है कि वह अफगानिस्तान की दो मुख्य भाषाओं में से एक ‘दारी’ में बात भी करती है। इसे ‘हैप्पी बर्थडे’ जैसे कुछ वाक्य भी आते हैं। रेस्त्रां के प्रबंधक मोहम्मद रफी शीरजाद ने कहा कि इस रोबॉट को जापान से लाया गया है। पिछले महीने इसने यहां काम करना शुरू किया है, जिसके बाद से नए ग्राहकों की आमद बढ़ गई है।

शीरजाद ने कहा, ‘यहां कई लोगों के लिए रोबॉट देखना दिलचस्प बात है।’ शीरजादा ने कहा कि कभी-कभी तो बच्चे रोबॉट को खाना लाते देख खुशी से उछल पड़ते हैं। 9 साल के अहमद जकी मशीन रोबोट को देखकर बेहद खुश है। उसने कहा, ‘मैंने सिर्फ टीवी पर ही रोबॉट देखे थे, लिहाजा मैंने अपने पिता से मुझे इस रेस्त्रां में लाने के लिए कहा।’

रोबोट वेटर को देख खुश हो जाते हैं लोग

एक ओर जहां जापान और चीन में आम स्थानों पर रोबॉट की तादाद बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर संकटग्रस्त अफगानिस्तान में यह नई बात है। अफगानिस्तान में दशकों तक चले युद्ध के चलते बुनियादी ढांचा तबाह हो गया है। ऐसे में यह रोबोट वेटर कुछ देर के लिए ही सही, लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट की वजह बन रही है।

जापान से लाया गया रोबोट

रेस्त्रां के प्रबंधक मोहम्मद रफी शीरजाद ने कहा कि इस रोबॉट को जापान से लाया गया है। पिछले महीने इसने यहां काम करना शुरू किया है, जिसके बाद से नए ग्राहकों की आमद बढ़ गई है।

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