अपने संसदीय क्षेत्र में गुमशुदगी के पोस्टर लगने पर कुछ यूं दिया सनी देओल ने जवाब

विभव देव शुक्ला

राजनीतिक चेहरे सार्वजनिक जगहों पर अक्सर एक तय शैली में नज़र आते हैं। उतना ही कहते हैं जितने की ज़रूरत होती है और उतना ही जाहिर करते हैं जितने पर भरोसा किया जा सके। मौजूदगी से लेकर तौर तरीकों तक सब कुछ बेहद कसा हुआ और नपा-तुला होता है लेकिन कुछ नेताओं के साथ अक्सर ऐसा नहीं होता है। बीते लोकसभा चुनाव में पंजाब के गुरदासपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद चुन कर आए मशहूर फिल्मी कलाकार सनी देओल ने कुछ ऐसा किया जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की हो।

जम कर झूमे सनी
पंजाब के बाटला स्थित आरआर बावा डीएवी कॉलेज के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुँचे थे। वह फिलहाल के लिए भले सांसद हों पर इसके अलावा वह लोगों के चहेते कलाकर भी हैं। लिहाज़ा कॉलेज के कार्यक्रम में सनी अपने ही गाने ‘मैं निकला गड्डी लेकर’ पर जम कर नाचे। इस दौरान कॉलेज के तमाम प्राध्यापक और छात्र भी उनके साथ जम कर झूमे।
इसके बाद उन्होंने अपनी फिल्म दामिनी के डायलॉग भी कहे जिसमें ‘ढाई किलो का हाथ’ और ‘तारीख़ पर तारीख़’ जैसे मशहूर डायलॉग भी शामिल थे। फिलहाल उनके इस अंदाज़ की चर्चा हर जगह हो रही है क्योंकि एक नेता आम तौर पर ऐसे बेबाक अंदाज़ में नज़र नहीं आता है।

लगे थे गुमशुदगी के पोस्टर
दरअसल सनी देओल 3 दिन के गुरदासपुर दौरे पर थे और इसके पीछे वजह भी बेहद दिलचस्प है। सनी पर अक्सर यह आरोप लगाया जाता है कि वह अपने संसदीय क्षेत्र में नज़र नहीं आते हैं। जिसके चलते गुरदासपुर में उनकी गुमशुदगी के पोस्टर लगा दिए गए थे। लेकिन सनी ने अपने सम्बोधन के दौरान इस बात का भी जवाब दिया।
सबसे पहले उन्होंने इस तरह के पोस्टर पर नाराज़गी जताई। इसके बाद पंजाबी में कहा अगर किसी की पिटाई करनी हो तो इस मामले में मुझसे बड़ा कोई और नहीं है। हमें जिस किसी को भी उठाना होता है हम उसे सीधे उठा लेते हैं हालांकि सनी के इस बयान पर काफी विवाद हो रहा है। विपक्षी दल के नेताओं ने उनके इस बयान को लेकर उन्हें निशाना बनाया है।

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