केरल में दूसरा मामला सामने आने के बाद अजमेर के युवक में नज़र आए कोरोना वायरस के लक्षण

विभव देव शुक्ला

कोरोना वायरस को लेकर बना डर दुनिया भर के लोगों में बरकरार है। चीन के वुहान शहर से निकले इस वायरस की चपेट में दुनिया भर के तमाम देश हैं। चीन की ही बात करें तो इस वायरस के चलते अभी तक लगभग 200 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अब यह वायरस भारत में भी दस्तक दे चुका है, हमारे देश में फिलहाल कोरोना वायरस के दो मामले सामने आ रहे हैं।

सबसे पहला मामला 30 जनवरी को
30 जनवरी को केरल राज्य में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने खुद इस ख़बर की पुष्टि की थी। चीन के वुहान विश्वविद्यालय से आए एक छात्र में कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए थे। उसकी हालत स्थिर है और उसे उचित निगरानी में रखा गया है। हालांकि इस दौरान तमाम लोग चीन से भारत आए और एहतियात के तौर पर उनकी निगरानी और जांच जारी है।
लेकिन हैरानी वाली बात यह है कि चीन से भारत आए एक और व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए हैं। अब तक यह देश में दूसरा ऐसा मामला सामने आया है जिसमें व्यक्ति कोरोना वायरस से प्रभावित पाया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने व्यक्ति के कोरोना वायरस से प्रभावित होने की पुष्टि की है साथ ही उसे अलग कमरे और उचित निगरानी में रखने का आदेश भी जारी किया है।

अजमेर का युवक भी प्रभावित
इन दो मामलों के अलावा आज ही राजस्थान के अजमेर ज़िले से कोरोना वायरस का एक मामला सामने आ रहा है। व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण मिलने के बाद उसे अजमेर स्थित जवाहर नेहरू अस्पताल के अलग वार्ड में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य अधिकारी केके सोनी ने इस बारे में जानकारी दी।
जानकारी देते हुए केके सोनी ने बताया किशनगढ़ का रहने वाला युवक पिछले कुछ सालों से चीन में रह रहा था। हाल ही में वह चीन से वापस आया था और सर्दी-बुखार से पीड़ित था। फिलहाल उसे जवाहर नेहरू अस्पताल के अलग वार्ड में पूरी निगरानी के साथ रखा गया है। हम उसके नमूने लेकर पुणे भेजने की तैयारी कर रहे हैं।

क्या कहती है केरल सरकार
केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों को उचित आदेश दिए जा चुके हैं। अधिकारियों और लोगों की मदद से ज़रूरी कदम भी उठाए जा रहे हैं। साथ ही हमने तमाम ऐसे वार्ड शुरू किए हैं जिसमें लोगों को अलग रखा जा सके। हालांकि अभी तक मामले की पूरी तरह पुष्टि होना बाकी है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर ज़रूरी कदम उठाएँ। चीन में भारत के तमाम लोग हैं उन्हें कृपया वापस बुलाया जाए।

सेना ने संभाला मोर्चा
चीन के वुहान शहर से देश लौटने वाले भारतीयों को अलग से सेना और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के केंद्रों में रखा जाएगा। कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित वुहान में फंसे भारतीयों को भारत वापस लाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट से शुक्रवार को एक विमान वुहान पहुंचा। चीन से 366 भारतीय लाए जाएंगे, जिन्हें हरियाणा के मानेसर में सेना द्वारा तैयार एक केंद्र में रखा जाएगा।
वहां कुछ दिनों तक उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। इससे पहले यात्रियों की हवाईअड्डे पर जांच की जाएगी और उसके बाद ही उन्हें मानेसर केंद्र में लाया जाएगा। अगर किसी के कोरोना वायरस से ग्रसित होने की आशंका होगी तो उसे दिल्ली कैंट स्थित अस्पताल में बने एक अलग वॉर्ड में शिफ्ट किया जाएगा।
सीमा की पहरेदारी करने वाले बल आईटीबीपी ने भी कोरोना वायरस से प्रभावित संदिग्ध लोगों को बुनियादी चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए दिल्ली में 600 बिस्तरों वाला पृथक केंद्र तैयार किया है। आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने बताया कि दक्षिण पश्चिम दिल्ली के छावला इलाके में आईटीबीपी कैंप में यह व्यवस्था शुरू की गई है।

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