दस हजार की जान चली गई, पर राष्ट्रपति हैं कि मानते नहीं

ब्रासीलिया

ब्राजील दुनिया में कोरोना का नया हॉटस्पॉट कोविड-19 के 1,45,800 से ज्यादा मामले सामने आ चुके है, लेकिन राष्ट्रपति बोलसोनारो अभी भी बेपरवाह

ब्राजील दुनिया में कोरोना संक्रमण का नया हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। यहां हर दिन संक्रमण के करीब 10,000 नए केस सामने आ रहे हैं। देश में अभी तक कोविड-19 के 1,45,800 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं जबकि करीब 10,000 लोगों की इस संक्रमण से मौत हो चुकी है। बीते 24 घंटे में ब्राजील में इस संक्रमण से 800 लोगों की मौत हुई। लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रपति ज़ायर बोलसोनारो कोरोना को बड़ा संकट मानने को तैयार नहीं हैं। उनकी नजर में यह मामूली बुखार है। अपने रवैये के चलते राष्ट्रपति सवालों के घेरे में आ गए हैं और जनता उन्हें इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार बता रही है।

ज़ायर बोलसोनारो अपने बेतुके और बयानों और के लिए मशहूर हैं। बीते दिनों जब एक रिपोर्टर ने उनसे ब्राजील में बढ़ते कोरोना के मामलों पर सवाल पूछा तो उनका जवाब था- तो क्या?

बोलसोनारो लगातार कोरोना वायरस के ख़तरे को मानने से इनकार करते आए हैं और इसको लेकर उनकी काफ़ी आलोचना भी हो रही है। लेकिन उनके ताज़ा बयान से उनके समर्थकों में भी नाराज़गी देखने को मिल रही है। बीते दिनों उन्होंने फेसबुक पोस्ट लिखकर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) पर भी हम बोला। उनका आरोप है कि डब्ल्यूएचओ ब्राजील के युवाओं को समलैंगिकता और मास्टरबेशन की तरफ धकेल रहा है।

मेरे जैसे एथलीट लोगों को कुछ नहीं होगा

इंपीरियल कॉलेज लंदन के अनुमान के मुताबिक़ कोविड-19 का संक्रमण इन दिनों दुनिया में सबसे तेज़ गति से ब्राज़ील में फैल रहा है। हालांकि बोलसोनारो कोरोना संक्रमण को मामूली बुख़ार बता रहे हैं। उन्होंने ये भी दावा किया है कि मेरी तरह एथलीट रहे लोगों को वायरस की चपेट में आने पर भी कुछ नहीं होगा, अगर बहुत ख़राब स्थिति हुई तो मामूली बुख़ार महसूस होगा। वे लगातार सोशल डिस्टेंसिंग का भी उल्लंघन करते दिख रहे हैं और लॉकडाउन विरोधी रैलियों में शामिल हो रहे हैं। वो सार्वजनिक जगहों पर हाई प्रोफ़ाइल दौरे भी कर रहे हैं।

लापरवाह राष्ट्रपति लेकर लोगों में गुस्सा

ब्राजील को डब्ल्यूएचओ की तरफ से चेतावनी दिए जाने के बावजूद भी बोलसोनारो ने यहां सख्ती से लॉकडाउन लागू नहीं होने दिया और लगातार लोगों को इसके खिलाफ सड़कों पर इकठ्ठा करते रहे। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक अब ब्राजील के लोगों में राष्ट्रपति के खिलाफ काफी गुस्सा नज़र आ रहा है। 36 साल के गुलिहेर्मे रोलिम एक डेंटिस्ट हैं और उन्होंने भी बोलसोनारो को ही वोट दिया था। हालांकि वे अब बोलसोनारो को एक ख़राब और लापरवाह राष्ट्रपति मानने लगे हैं। रोलिम के पिता और एक अन्य रिश्तेदार की भी कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है।

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