आतंक के आका को 11 साल की जेल

लाहौर

मुंबई के 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर शिकंजा कसा

मुंबई के 26/11 आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को पाकिस्तान की एक आतंकवाद रोधी अदालत ने बुधवार को दो मामलों में साढ़े पांच-साढे़ पांच साल की कैद की सजा सुनाई। प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के सरगना को टेरर फंडिंग के दो मामलों में लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने यह सजा सुनाई।

दोनों ही मामलों में साढ़े पांच-साढे़ पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है, जो साथ-साथ चलेगी। उस पर 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। भारत के लिए एक बड़ी जीत है क्योंकि सरकार पिछले 11 सालों से ज्यादा वक्त से हाफिज को कानून के कठघरे में खड़ा करने की लड़ाई लड़ रही है। हाफिज के खिलाफ आतंकी फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध कब्जे के कुल 29 मामले दर्ज हैं।

यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब पाकिस्तान पर एफएटीएफ की काली सूची में शामिल होने का खतरा मंडरा रहा है। आतंकवाद को समर्थन देने वाले देश के रूप में दुनिया में बदनाम पाकिस्तान को डर है कि अगर उसे एफएटीएफ की काली सूची में शामिल किया गया तो डूब रही अर्थव्यवस्था को उबारना और भी मुश्किल हो जाएगा। आतंकवाद को मुहैया कराए जाने वाले धन की निगरानी करने वाली अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को फिलहाल अपनी ग्रे सूची में डाल रखा है। पाक को चेतावनी दी गई थी कि यदि फरवरी तक आतंकवाद के वित्तपोषण पर उसने नियंत्रण नहीं किया तो उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा। उसके बाद से ही इमरान खान सरकार ने हाफिज सईद पर नकेल कसना शुरू किया।

गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में लश्करे तैय्यबा के 10 आतंकियों ने हमला था जिसमें 160 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 300 लोग घायल हो गए थे। उस घटना के बाद अमेरिका ने हाफिज को ब्लैक लिस्ट कर दिया था और उस पर इनाम घोषित किया था।

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