गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि ने कहा था ये महिला विधायक रेप भी डिज़र्व नहीं करतीं

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। भारत में मेहमान नवाज़ी की परंपरा पुरानी है लेकिन यदि आपका मेहमान खुद महिलाओं की इज़्ज़त न करता हो उन्हें कमज़ोर समझता हो तब आपका क्या रिएक्शन होगा? क्या तब भी आप उन्हें अपने देश में आने पर ख़ुशी मनाएंगे?

26 जनवरी 2020 को भारत में 71वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश की कई गणमान्य व प्रतिष्ठित शख्सियतें इस गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगी।

इन सभी के अलावा एक शख्स हैं, जो यहां मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले हैं। इनका नाम है जेअर बोल्सोनारो। पिछले साल ही दक्षिणपंथी विचारधारा वाले बोल्सोनारो ने ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की थी। चुनाव प्रचार के दौरान और कार्यालय ग्रहण करने के बाद भी दक्षिणपंथी विचारों के लिए बोल्सोनारो को विपक्ष की तरफ़ से तीखा विरोध झेलना पड़ा था।

कन्जरवेटिव सोशल लिबरल पार्टी से संबंध रखने वाले बोलसोनारो की छवि एक अति दक्षिणपंथी नेता के रूप में है। गर्भपात, नस्लवाद, प्रवासन, समलैंगिकता और बंदूक से जुड़े कानूनों को लेकर उनके उग्र विचारों के चलते उन्हें ‘ब्राजील का ट्रंप’ भी कहा जाता है।

नस्लभेदी टिप्पणियों को लेकर भी बोल्सोनारो पर काफी विवाद हुआ था। इसके अलावा 1964 से 1985 के बीच ब्राजील में मिलिट्री तानाशाही की प्रशंसा करने को लेकर भी वह विवादों में पड़े थे।

ब्राजील की एक महिला विधायक ने बोल्सोनारो पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस पर बोल्सोनारो ने जवाब दिया था, “मैं आपके साथ दुष्कर्म नहीं कर सकता, क्योंकि आप इसके लायक ही नहीं हैं।” बोल्सोनारो ने इस तरह की और भी कई बातें कही हैं, ‘ मैं समलैंगिक बेटे को प्यार नहीं दे पाऊंगा’ , ‘बेटी होना कमजोरी है’।

मुख्य अतिथि का पद प्रोटोकॉल के अनुसार भारत का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इसके लिए गणतंत्र दिवस से करीब छह महीने पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं। किसी देश के प्रमुख को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए भारत का विदेश मंत्रालय कई पहलुओं की जांच करता है। इसमें सबसे अहम है भारत के साथ उस देश का रिश्ता। इसके बाद प्रधानमंत्री की मंजूरी और फिर राष्ट्रपति भवन से क्लीयरेंस ली जाती है।

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