डब्ल्यूएचओ को सबसे ज्यादा फंड देने वाले देश ने इस महामारी के दौर में फंडिंग पर लगाई रोक

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

कोरोना वायरस से अमेरिक में हो रही मौतें से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेहद चिंतत हैं। चिंता लाज़मी भी है क्योंकि तमाम कोशिशों के बावजूद भी अमेरिका कोविड-19 के संक्रमण और उससे होने वाली मौतों की कड़ी को तोड़ नहीं पा रहा है। इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन को दिए जाने वाली फंडिंग पर रोक लगा दी है।

अमरीका डब्ल्यूएचओ को सबसे ज़्यादा फंड देता है। पिछले साल अमरीका ने डब्ल्यूएचओ को 40 करोड़ डॉलर का फंड दिया था। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में दिए अपने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह अपने प्रशासन को फंडिंग रोकने का आदेश दे रहे हैं।

ट्रंप ने आरोप लगाते हुए कहा, “कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने से रोकने में डब्ल्यूएचओ बुनियादी काम करने में भी नाकाम रहा है। जब चीन से कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत हुई तो संयुक्त राष्ट्र का यह संगठन इसे संभालने में नाकाम रहा है और असली तस्वीर छुपाता रहा। डब्ल्यूएचओ की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।”

ट्रंप ने आगे कहा कि चीन के वुहान शहर में जब कोरोना वायरस के मामले सामने आए तो डब्लूएचओ उसका आकलन करने में असफल रहा। क्या डब्लूएचओ ने मेडिकल एक्सपर्ट के जरिए चीन के जमीनी हालात का आकलन किया। इस महामारी को वुहान में ही सीमित किया जा सकता था और काफी कम जानें जातीं। उन्होंने कहा कि हजारों जानें बच जातीं और विश्व की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान नहीं पहुंचता।

चीन में विवादास्पद वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने चमगादड़ और अन्य जंगली जानवरों पर कोरोना वायरस प्रयोग किए, जिन्हें अमेरिकी सरकार द्वारा 3.7 मिलियन डॉलर का फंड दिया गया हैै। डेली मेल द्वारा प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, वैज्ञानिकों ने यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (निआइएच) की तरफ से फंडिंग मिलने के बाद एक परियोजना के हिस्से के रूप में चमगादड़ पर प्रयोग किया। 

प्रयोग को लेकर अमेरिकी कांग्रेसी मैट गेत्ज ने कहा, “मुझे यह जानकर घृणा है कि वर्षों से अमेरिकी सरकार वुहान इंस्टीट्यूट में खतरनाक और क्रूर पशु प्रयोगों को आर्थिक रूप से सहारा दे रही है।”

वहीं इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि यह डब्ल्यूएचओ के लिए संसाधनों को कम करने का समय नहीं है। उन्होंने एक बयान में कहा, “अभी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए एक साथ खड़े होकर इस वायरस व इसके विनाशकारी परिणामों को रोकने का समय है।”



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