देश का पहला और इकलौता ब्रेन म्यूज़ियम, जहां रखे जाते हैं इंसानी दिमाग

विभव देव शुक्ला

भारत के हर कोने में ऐसी चीज़ें मौजूद हैं जो मिजाज़ में एकदम अनूठी हैं। जिन्हें देखने और समझने के लिए पल भर में हज़ारों की भीड़ इकट्ठा हो जाती है। ऐसी अनूठी या कभी-कभी अजीब चीज़ों को सहेज कर रखा जाता है। आखिर कोई चीज़ अनूठी है तो बेशक कीमती भी होगी, लिहाज़ा उसे सुरक्षित और संरक्षित रखना लोगों की ज़िम्मेदारी है। ऐसी ही एक चीज़ सहेज कर रखी गई है कर्नाटक की राजधानी बैंगलोर में।

इंसानों के साथ कुछ जानवरों के दिमाग मौजूद
वैसे तो तमाम चीज़ें सहेज कर रखी जाती हैं लेकिन आपको जान कर हैरानी होगी कि बैंगलोर के इस संग्रहालय में इंसानी दिमाग सहेज कर रखा जाता है। चूंकि इस संग्रहालय में दिमाग सहेज कर रखा जाता है इसलिए इसे देश का पहला और इकलौता ‘ब्रेन म्यूज़ियम’ कहा जाता है। यह बैंगलोर के निम्हान्स मेडिकल कॉलेज में बना हुआ है इस ब्रेन म्यूज़ियम की शुरुआत साल 2010 में हुई थी।
म्यूज़ियम में मानसिक बीमारी, दुर्घटना, मस्तिष्क रोग और ब्रेन ट्यूमर से मरने वालों का दिमाग रखा जाता है। पार्किंसंस और अल्जाइमर से पीड़ित लोगों का दिमाग भी रखा जाता है इस ब्रेन म्यूज़ियम में। इतना ही नहीं इस ब्रेन म्यूज़ियम में कई तरह के जानवरों का दिमाग भी रखा गया है। फिलहाल 15 से अधिक शोधकर्ता इस ब्रेन म्यूज़ियम में रखे दिमागों पर शोध कर रहे हैं।

आने वाले समय में मिलेगी मदद
इस ब्रेन म्यूज़ियम से जुड़े लोगों का कहना है कि आने वाले समय में यहाँ होने वाले शोध की मदद से दिमाग का इलाज करने में मदद मिलेगी। दूसरी हैरानी की बात यह है कि बीते कुछ समय से यहाँ आने वाले लोगों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है, छात्रों के साथ साथ आम लोग भी यहाँ से जुड़ी चीज़ें जानने में रुचि दिखा रहे हैं। ब्रेन म्यूज़ियम में होने वाले हर तरह के शोध से आने वाले समय में दिमाग से जुड़ी बीमारियों से निपटना काफी आसान हो जाएगा।

admin