देश के सबसे बड़े अस्पताल को कोरोना वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल की मंजूरी मिल गई है

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

भारत में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों के बीच अच्छी खबर सामने आई है। देश में कोरोना वैक्सीन का मानव परीक्षण शुरू हो गया है।

देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स को कोरोना वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल की मंजूरी मिल गई है। इस ट्रायल में 18 साल से ऊपर और 55 साल के कम उम्र के लोग ही हिस्सा ले सकते हैं।

कोरोना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो गया है

हाल में कोरोना की वैक्सीन ‘कोवैक्सिन’ तैयार करने की खबर सामने आई थी, वहीं अब इस कोरोना की वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो गया है।

कोरोना वैक्सीन का मानव परीक्षण शुरू हो गया है। देश के 12 बड़े अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन का मानव परीक्षण किया जा रहा है। बिहार के पटना एम्स अस्पताल और हरियाणा के रोहतक पीजीआईएमएस में वैक्सीन का मानव परीक्षण शुरू हो चुका है।

सबसे ज्यादा सौ लोगों पर ट्रायल दिल्ली के एम्स में होना है

 

कोवैक्सिन को भारत बायोटेक ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) के साथ मिलकर विकसित किया है।

इनमें सबसे ज्यादा सौ लोगों पर ट्रायल राजधानी स्थित एम्स में ही होना है। अन्य 11 संस्थानों में 275 लोगों पर ट्रायल होगा। एम्स के कम्युनिटी मेडिसीन के प्रोफेसर और इस ट्रायल के प्रिंसिपल इनवेस्टिगेटर (प्रमुख शोधकर्ता) डॉ. संजय राय ने बताया कि आचार समिति से मंजूरी मिल गई है।

अगले हफ्ते में ट्रायल के लिए लोगों का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद उन पर ट्रायल किया जाएगा।

दूसरे चरण के परीक्षण में करीब 90 दिन लगेंगे

डॉ. संजय राय ने बताया कि इसके लिए स्वस्थ वालंटियर का चयन किया जाएगा, जो कोरोना से संक्रमित न हुए हों। रजिस्ट्रेशन के लिए एक मोबाइल नंबर 7428847499 भी जारी किया गया है। इस नंबर पर वालंटियर ट्रायल के लिए अपनी सहमति दे सकते हैं।

देश में शुरू हुए वैक्सीन के पहले मानव परीक्षण में करीब एक महीना लगेगा। परीक्षण के बाद सामने आए आंकड़ों को ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया के पास भेजा जाएगा। इसके बाद अगले चरण के परीक्षण की मंजूरी मिलेगी। सीधे तौर पर समझें तो वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के परीक्षण में करीब 90 दिन लगेंगे।

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