बोत्सवाना में लगातार बढ़ रही है हाथियों के मौत की संख्या लेकिन सरकार अभी तक बेखबर है मौत के कारण से

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

कुछ हफ़्तों पहले केरल में एक गर्भवती हथिनी को बेरहमी से माने जाने की खबर ने सभी को व्‍यथित कर दिया था। अब हाथियों को लेकर एक डरावनी खबर दक्षिण अफ्रीकी देश बोत्‍सवाना से आ रही है।

यहां हाथियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। दुख की बात यह है कि अभी तक किसी को इन हाथियों की मौत का कारण नहीं पता चला है। एक तरह से इनकी मौत रहस्यमयी बनी हुई है।

दो महीनों में लगभग 350 से ज्यादा हाथी मर चुके हैं

सबसे चौकाने वाली बात ये है कि बीते दो महीनों में लगभग 350 से ज्यादा हाथी मर चुके हैं। इस खबर ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दिया है। इसको लेकर लोग दुःखी हैं और जल्द ही हाथियों की रहस्यमयी मौत के पीछे की वजह का पता लगाने की बात कर रहे हैं।

हालांकि, सरकार ने लैब टेस्ट करवाए हैं लेकिन अभी उनका नतीजा आने में समय है। बता दें, अफ्रीका में घटती हाथियों की आबादी का एक तिहाई हिस्सा बोत्सवाना में है।

वन्यजीव संरक्षण ने मई में ही सरकार को चेताया था

‘बीबीसी’ से बातचीत में ब्रिटेन स्थित नेशनल पार्क रेस्क्यू के डॉ. नियाल मैकेन ने कहा, “वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों ने मई की शुरुआत में ही सरकार को इस संबंध में चेताया था। वो बताते हैं कि डेल्टा के ऊपर से तीन घंटे की उड़ान के दौरान संरक्षण कार्यकर्ताओं को हाथियों के 169 शव दिखाई दिए। एक महीने बाद जब दोबारा परीक्षण और जांच की गई तो ये संख्या बढ़कर 350 हो चुकी थी।”

नील मैकेन ने आगे कहा कि हाथियों का शव देखने पर पता चलता है कि वह मौत के समय सीधे मुँह के बल जमीन पर गिरे हैं, जो यह दर्शाता है कि उनकी अचानक व बहुत जल्दी मौत हो गई। जबकि अन्य शवों से पता चलता है कि वह धीरे-धीरे मरे हैं। अधिकारियों और विशेषज्ञों का मानना ​​है कि मृत हाथियों की वास्तविक संख्या अधिक हो सकती है, क्योंकि शवों को स्पॉट करना मुश्किल है।

वहां अनुमानित एक लाख 30 हजार हाथी रहते हैं

इस अफ्रीकी देश में हाथियों की सबसे बड़ी आबादी है। वहां अनुमानित एक लाख 30 हजार हाथी रहते हैं। हाथियों की मौत के ताजा मामलों की जानकारी सबसे पहले वन्यजीव संरक्षण के लिए काम करने वाली संस्था एलिफेंट विदआउट बॉर्डर्स (ईडब्ल्यूबी) ने दी थी।

वहीं वन्य जीव और नेशनल पार्क विभाग के कार्यकारी निदेशक सिरील ताओलो कहते हैं, “हमें ओकावांगो डेल्टा के उत्तरी इलाके में 356 हाथियों के मारे जाने की रिपोर्ट मिली है। इनमें से अभी हम 275 हाथियों के मारे जाने की पुष्टि कर सकते हैं।”

2018 में 90 हाथियों के मृत शरीर मिले थे

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि रिपोर्ट में इस बात को भी खारिज किया गया है कि हाथियों की मौत एंथ्रेक्स (जानवरों में एक तरह का संक्रमण) या इंसानों द्वारा दिए गए जहर से हुई है।

अक्सर बोत्सवाना के इस हिस्से में वन्यजीवों का शिकार किया जाता है। क्षेत्रीय वन्यजीव समन्वयक दीमाकात्सो नत्शेबे ने कहा कि हम अभी भी हाथियों की मौत के असल कारणों की जांच कर रहे हैं।

इससे पहले बोत्सवाना में कुछ इसी तरह के मुद्दे 2018 में भी सामने आया था। उस दौरान 90 हाथियों के मृत शरीर मिले थे।इनमें से ज्यादातर हाथियों को उनके दांतों के लिए बेरहमी से मार दिया गया था। इसके अलावा जिम्बाब्वे में शिकारियों द्वारा जानवरों को सायनाइड देकर मारने का मामला भी दर्ज किया गया था।

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