हॉर्न की आवाज जितनी ज्यादा होगी, उतनी देर लाल रहेंगे सिग्नल

नगर संवाददाता | इंदौर

साइलेंट सिटी ऑफ इंडिया बनाने की दिशा में बड़ा कदम, मार्च तक लगना शुरू होंगे

शहर के सभी चौराहों पर अब मुंबई की तर्ज पर स्मार्ट सिग्नल लगाए जाएंगे। इनकी खासियत यह रहेगी कि ग्रीन सिग्नल होने के इंतजार में खड़े वाहन चालक यदि हॉर्न बजाएंगे तो उस लेन के सभी वाहन चालकों को उतनी ही देर तक रेड सिग्नल मिलेगा। यह कवायद इंदौर को साइलेंट सिटी बनाने के लिए होगी। वहीं अनावश्यक शोर करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार तीन साल से नंबर-1 इंदौर को साइलेंट सिटी ऑफ इंडिया बनाने का अभियान जारी है। इसी कड़ी में ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर नियंत्रण के साथ ही ऐसे स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे जो बेवजह हॉर्न बजाने वाले लोगों को अनोखे तरीके से सबक सिखाएंगे।

कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने बताया हम इंदौर को ध्वनि प्रदूषण से मुक्ति दिलाते हुए इसे मार्च 2021 तक साइलेंट सिटी ऑफ इंडिया के रूप में ख्याति दिलाना चाहते हैं। शहर के अधिकांश इलाकों में घनी आबादी तथा संकरी सड़कों के कारण यातायात जाम की स्थिति रहती है और ट्रैफिक सिग्नलों पर वाहन सवारों को बेवजह हॉर्न बजाते देखा जा सकता है। ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए प्रशासन मुंबई की तरह यहां भी स्मार्ट सिग्नल लगाने जा रहा है, जो डेसिबल मीटरों से जुड़े रहेंगे। इन्हें ऐसा सेट किया जाएगा कि हॉर्न बजाए जाने पर निर्धारित मानक से अधिक ध्वनि उत्पन्न होने से सिग्नल पर लालबत्ती का समय अपने आप बढ़ जाएगा। यानी वाहन चालक जितना ज्यादा हॉर्न बजाएंगे, उन्हें सिग्नल ग्रीन होने के लिए उतना ही ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा।

शहर में 39 साइलेंट जोन चिह्नित

इंदौर हाई कोर्ट, वृद्धाश्रमों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों सहित 39 साइलेंट जोन चिह्नित किए गए हैं, जहां प्रेशर हॉर्न, डीजे और लाउड स्पीकर जैसे साधनों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। शादी-समारोह में डीजे के उपयोग पर रोक के लिए विभिन्न धर्म-समाज के संगठनों से चर्चा कर रहे हैं।

लोक परिवहन पर रहेगा जोर

जाटव ने बताया सड़कों पर वाहनों की तादाद नियंत्रित करने के लिए लोक परिवहन सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। प्रॉपर कनेक्टिविटी देना होगी, ताकि व्यक्ति को घर से मेन रोड तक भी पैदल न चलना पड़े। तभी लोक परिवहन सक्सेस होगा। जब लोग लोक परिवहन का उपयोग करेंगे तो सड़कों से निजी वाहनों का दबाव वैसे ही कम हो जाएगा, जिससे ध्वनि प्रदूषण भी कम होगा।

पहला सिग्नल डीआरपी लाइन चौराहा पर

शहर का पहला स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल डीआरपी लाइन इलाके में लगेगा। यह सिग्नल प्रायोगिक तौर पर मार्च से काम शुरू कर देगा।

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