‘आई कान्ट ब्रीथ’ वाले मुद्दे ने व्हाइट हाउस के सामने ऐसा बवाल मचाया कि ट्रंप को एक बंकर में छुपना पड़ा

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

कोरोना महामारी की मार झेल रहा अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है। अमेरिका के 30 शहर हिंसा की आग में झुलस रहे हैं। इसकी आंच रविवार को व्हाइट हाउस तक पहुंच गई है। राजधानी वाशिंगटन में मामला इतना बिगड़ गया कि मेयर ने रात को 11 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू का ऐलान कर दिया।

अब ट्रंप को छुपना पड़ रहा है

वाशिंगटन डीसी में शुक्रवार रात व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शनकारियों के इकट्ठा होने की खबर मिलते ही व्हाइट हाउस के सुरक्षा अधिकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अंडरग्राउंड बंकर में ले गए थे।

खबर के मुताबिक, ट्रम्प ने बंकर में लगभग एक घंटा बिताया और उसके बाद उन्हें ऊपर लाया गया। वहीं इस घटना से संबंधित एक अन्य सूत्र ने बताया कि अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और उनके बेटे बैरन को भी बंकर में ले जाया गया था। 

वाशिंगटन समेत 15 राज्यों में नेशनल गार्ड सदस्य सक्रिय हैं इसके अलावा 2,000 अन्य गार्ड को भी तैयार रखा गया है और ये जरूरत पड़ने पर काम शुरू कर देंगे।

प्रदर्शनकारियों को टेरेरिस्ट घोषित करने का फैसला

वहीं बीते रविवार को ट्रंप ने ट्वीट कर के हिंसा करने वाले लोगों को आतंकी घोषित करने का फैसला किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “अमेरिका एएनटीआईएफए को एक आतंकी संगठन के रूप में नामित करेगा।”

एएनटीआईएफए ऐसे लोग जो फासीवाद का विरोध करते हैं उन्हें अमेरिका में एंटी-फासिस्ट कहा जाता है। ये लोग रंगभेद के खिलाफ, अश्वेतों के अधिकारों के लिए और वाइट सुप्रीमसी के खिलाफ लिए लड़ते हैं। ये अधिकतर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हैं लेकिन कई बार हिंसक प्रदर्शन भी करते हैं।

क्या है जॉर्ज फ्लॉयड का किस्सा

सोमवार को एक रेस्टोरेंट में जॉर्ज फ्लॉयड नाम के व्यक्ति को जालसाजी से जुड़े एक मामले में पुलिस ने पकड़ा था। घटना का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में साफ दिख रहा है कि जॉर्ज ने गिरफ्तारी के समय किसी तरह का विरोध नहीं किया। पुलिस ने उसके हाथों में हथकड़ी पहनाई और जमीन पर लिटा दिया।

जिसके बाद एक पुलिस अधिकारी ने उसकी गर्दन को घुटनों से दबा दिया। जॉर्ज कहता रहा कि वह सांस नहीं ले पा रहा है और कुछ ही देर में वह बेहोश हो गया।

20 डॉलर के नकली नोट के चलते पुलिस ने की ये हरकत

बताया जा रहा है कि जॉर्ज को 20 डॉलर का नकली नोट इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हिरासत में लिए जाने के बाद का वीडियो सामने आया था जिसमें डेरेक 7 मिनट तक जॉर्ज के गले पर घुटना रखे दिखाई दिए। जॉर्ज यह कहते-कहते बेहोश हो गए कि ‘मुझे सांस नहीं आ रही है’ लेकिन डेरेक को तरस नहीं आया। 

इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। जॉर्ज की मौत से लोग आक्रोशित हो गए और रंगभेद की बात पर शहर में बवाल शुरू हो गया है। पुलिस ने 1,700 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रदर्शनकारियों की ओर से हो रही है लूट की वजह से अमेरिका में कई कंपनियों और स्टोर अपनी दुकानें बंद कर ली हैं।

आंकड़ो के मुताबिक श्वेत की मेजॉरिटी अमेरिका में ज्यादा है

2015 से लेकर अबतक अमेरिका में पुलिस ने जितने श्वेत लोगों का एनकाउंटर किया है वो संख्या अश्वेत लोगों के मौत का आंकड़ा के दोगुने के करीब है। वॉशिंगटन पोस्ट के एक विश्लेषण के मुताबिक 2015 में पुलिस की ओर से मारे गए अश्वेत अमेरिकन लोग, श्वेत अमेरिकन लोगों की तुलना में दो तिहाई है।

2019 की जनगणना के अनुसार अमेरिका की कुल जनसंख्या में 13.4 फीसद हिस्सा अश्वेत अमेरिकन लोगों का है जबकि श्वेत अमेरिकन लोगों की संख्या 76.5 फीसद यानि कि छह गुना ज्यादा है।

साल 2015 में दी गार्डियन के अध्ययन में पता चलता है कि अमेरिका में पुलिस को इस बात की कुप्रसिद्धि मिली है कि वो अन्य देशों के मुकाबले गोली चलाने में ज्यादा स्वतंत्र है। साल के शुरुआती 24 दिनों में अमेरिका में जितना गोलियां चली हैं उतनी पिछले 24 सालों में इंग्लैंड में नहीं चली हैं।

admin