एरीजोना में स्थित है जहाजों का सबसे बड़ा कब्रिस्तान

वॉशिंगटन

जहां रखा जाता है उपयोग में न लाए जाने वाले जहाजों को, इस बोनयार्ड में 4 हजार 400 बेकार जहाज खड़े हैं

बहुत कम लोगों ने जहाजों के कब्रिस्तान के बारे में सुना होगा। दरअसल, यह वह जगह होती है जहां अपनी अवधि पूरी करने वाले या बेकार हो जाने वाले हवाई जहाज पार्क कर दिए जाते हैं। अन्य चीजों की तरह यह जहाजों के साथ नहीं होता कि उन्हें बेकार हो जाने पर एयरपोर्ट के किसी कोने में खड़ा कर दिया जाए, इसके लिए एक अलग जगह बनाई जाती है।

ऐसी जगह जहां उपयोग में न लाए जा सकने वाले जहाज खड़े कर दिए जाएं। इसे बोनयार्ड या जहाजों का कब्रिस्तान कहा जाता है। अमेरिका के एरीजोना में स्थित डेविस मोंथान एयरफोर्स बेस दुनिया का सबसे बड़ा हवाई जहाजों का कब्रिस्तान है। यहां कई दशकों से पुराने और खराब विमान खड़े हुए हैं। एरीजोना में स्थित डेविस मोंथान एयरफोर्स बेस में सबसे बड़ा बोनयार्ड है या कह सकते हैं कि हवाई जहाजों का कब्रिस्तान है। यहां लाए गए जहाजों को तोड़ा जाता है। कुछ में सुधार हो सके तो उन्हें सुधारा भी जाता है। कभी-कभी विमानों से सही और उपयोग हो सकने वाले पुर्जे निकालकर उपयोग में लाए जाते हैं।

आम लोगों के लिए खुला है डेविस मोंथान बोनयार्ड

दूसरे विश्व युद्ध के बाद बनाए जाने वाले एरीजोना में स्थित डेविस मोंथान एयरफोर्स बेस में सबसे बड़ा बोनयार्ड है। इस कब्रिस्तान में 4 हजार 400 बेकार यानी उपयोग में न लाए जाने वाले जहाज खड़े हैं। इसमें अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के इस्तेंमाल हुए जहाज भी शामिल हैं। ज्यादातर बोनयार्ड आम नागरिकों के लिए बंद होते हैं। हालांकि एरीजोना का यह बोनयार्ड आम लोगों के लिए खुला है। जहाजों में रुचि रखने वाले और पर्यटक बस में बैठ कर इस पूरे मैदान का चक्कर लगाते हैं।

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