अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेलने वाले इस भारतीय क्रिकेटर की माँ अब भी जाती हैं अपनी कंडक्टर की नौकरी पर

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

एक ओर जहां कोरोना वायरस की वजह से आम लोगों परेशान हैं वहीं हस्तियों तथा खिलाड़ियों की जिंदगी में भी काफी बदलाव आया है। एक तरफ जहां सभी क्रिकेट खिलाड़ी और उनका परिवार महफूज रहने के लिए घर पर है, वहीं दूसरी ओर भारत का एक ऐसा खिलाड़ी भी है जिसकी मां रोज अपनी जान जोखिम में डालकर घर से बाहर निकल रही हैं, अपनी नौकरी पर जा रही हैं। क्योंकि अगर वो नौकरी पर नहीं गई तो उनकी सैलरी कट जाएगी और उनका घर नहीं चल पाएगा।

‘बेस्ट’ बस में कंडक्टर हैं इसलिए रोज जाना पड़ता है

हम बात कर रहे हैं खिलाड़ी अथर्व अंकोलेकर की मां वैदेही अंकोलेकर की जो अपने परिवार के लिए रोज घर से बाहर निकल रही हैं। अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम से खेलने वाले युवा गेंदबाज अथर्व अंकोलेकर की मां वैदेही मुंबई की बृहनमुंबई इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई ऐंड ट्रांसपोर्ट ‘बेस्ट’ बस में कंडक्टर हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ खास बातचीत में अथर्व अंकोलेकर की मां वैदेही ने अपना दर्द साझा किया। वैदही ने बताया कि उनके पास किसी तरह का इंश्योरेंस नहीं है और उनके लिए नौकरी पर जाना जरूरी है क्योंकि अगर वो ऐसा नहीं करती हैं तो उनकी सैलरी कट जाएगी और ऐसे में परिवार को पालना मुश्किल हो जाएगा। वैदही अंकोलेकर ने बताया कि उनका बेटा अथर्व उन्हें काम पर जाने के लिए मना करता है लेकिन परिवार के भरण-पोषण के लिए उनका ये काम करना जरूरी है।

इसकी एक वजह यह भी है कि अथर्व की अभी कोई निश्चित कमाई नहीं है। उन्हें मैच और टूर्नामेंट के हिसाब से पैसे मिलते हैं। इस बार आईपीएल की नीलामी में जिन 971 लोगों को शॉर्टलिस्ट किया गया था, उसमें अथर्व को इसलिए जगह नहीं मिली थी, क्योंकि उन्होंने लिस्ट ए का एक भी मैच नहीं खेला था। उनकी क्रिकेट ट्रेनिंग का पूरा खर्च उनकी मां उठाती है। 

कोरोना वॉरियर्स के लिए करती हैं काम

43 साल की वैदेही के दो बच्चे हैं, जिनमें एक अथर्व हैं। अथर्व के पिता के निधन के बाद से ही वे उनकी जगह काम कर रही हैं। कोरोना वॉरियर्स(जिनमें पुलिस, स्वास्थ्य, सफाईकर्मी और मीडियाकर्मी जैसे तमाम लोग हैं) की आवाजाही के लिए बसों को लगाया है, जिनमें वैदेही भी एक बस की कंडक्टर हैं। वैदेही बताती हैं कि मुझे अपने काम पर गर्व होता है कि मैं भी कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अपना योगदान दे रही हूं।

वैदेही ने बताया, “बेस्ट के कर्मचारियों में बढ़ रहे कोरोना वायरस के बाद अथर्व ने मुझे काम पर जाने के लिए मना किया। हमारी बिल्डिंग भी सील कर दी गई है क्योंकि यहां कुछ मामले सामने आए हैं लेकिन अगर मैं काम पर नहीं गई तो कैसे चलेगा। मुझे अपनी पूरी सैलरी चाहिए। किसी तरह मैंने उसे मना लिया और मैं काम पर जा रही हूं।”

विभाग ने नहीं दिया कोई हेल्थ बीमा कवर

वे लगातार काम कर रही हैं। बीते करीब एक दशक से बस कंडक्टर के रूप में काम कर रहीं वैदेही ने कहा है, “हमें कोई बीमा कवर नहीं दिया गया है। बीएमसी या पुलिस विभाग में, सरकार परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देने के अलावा कम से कम 50 लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान करती है। हमने कोविड -19 के कारण अब तक आठ कर्मचारियों को खो दिया है। यदि उन्हें 50 लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान किया गया होता, तो यह उनके परिवारों के लिए राहत का कुछ उपाय होता।”

अथर्व ने अंडर-19 एशिया कप दिखाया था कमाल

बाएं हाथ के स्पिनर अथर्व ने अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में कमाल का प्रदर्शन किया था और तब खिताबी मुकाबले में 28 रन देकर 5 विकेट लिए। अथर्व के पिता विनोद बेस्ट में कर्मचारी थे। उनके निधन के बाद अथर्व की मां वैदेही को वहां नौकरी मिल गई। मां ने नौकरी के साथ-साथ अपने बेटे के सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

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