दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड ने अपने स्टार क्रिकेटरों को बीते 10 महीने से नहीं दी है उनकी सैलरी

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड माना जाने वाला बीसीसीआई ने अपने स्टार खिलाड़ियों को पिछले 10 महीने से उनकी सैलरी नहीं दी है।

बीसीसीआई के 27 इलीट अनुबंधित खिलाड़ियों को पिछले साल अक्टूबर के बाद से ही तिमाही किश्तों में से अभी पहला इंस्टॉल्मेंट मिलना बाकी है साथ ही खिलाड़ी मैच फीस मिलने के इंतजार में हैं।

ग्रेडिंग के हिसाब से साल में चार बार सैलरी मिलती है

दरअसल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े से खिलाड़ियों को उनके ग्रेडिंग के हिसाब से साल में चार बार (प्रति तिमाही) उन्हें भुगतान करता है।

खिलाड़ियों को पिछली बार अक्टूबर में यह रकम मिली थी। इसके अलावा खिलाड़ियों की मैच फीस भी बकाया है। दिसंबर 2019 के बाद से टीम इंडिया ने 2 टेस्ट, 9 वनडे और 8 टी20 इंटरनैशनल मैच खेले हैं। बोर्ड ने अभी तक इस पैसे का भी भुगतान नहीं किया है।

क्रिकेटरों का बकाया अब 99 करोड़ रुपये हो चुका है

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक बोर्ड को खिलाड़ियों का जिस पैसे का भुगतान करना है, वह अब कुल 99 करोड़ हो चुका है। यह पैसा खिलाड़ियों की ग्रेडिंग के हिसाब से उनमें बांटा जाना है। ए प्लस ग्रेड में विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह हैं, जिन्हें साल के 7 करोड़ रुपये मिलते हैं।

इसके बाद रेगुलर ग्रेड ए, बी, और सी हैं, जिनमें खिलाड़ियों को 5 करोड़ रुपये, 3 करोड़ रुपये और एक करोड़ रुपये मिलते हैं। हर मैच के हिसाब से फीस है- टेस्ट की 15 लाख, वनडे की 6 लाख और टी-20 की 3 लाख रुपये।

आठ क्रिकेटरों ने बताया 10 महीनों से सैलरी नहीं मिली

बीसीसीआई ने जो अपनी पिछली बैलंस शीट सार्वजनिक की है उसके मुताबिक मार्च 2018 तक उसके बैंक खाते में कुल 5,526 करोड़ रुपये जमा हैं, जिसमें 2,292 करोड़ की एफडी भी शामिल है।

इसके अलावा अप्रैल 2018 में बोर्ड ने स्टार टीवी के साथ 6,138.1 करोड़ में 5 साल के लिए प्रसारण (ब्रॉडकास्टिंग) डील भी की थी। अनुबंधित क्रिकेटरों में से आठ ने बीसीसीआई को पुष्टि की है कि उन्होंने 10 महीनों से क्रिकेट स्टार्स को उनका बकाया नहीं दिया गया है।

अरुण धूमल की अनिश्चिता को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं

खबर के मुताबिक बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि बोर्ड से जुड़े सूत्र इसके संचालन में चल रही अनिश्चिता को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

बोर्ड में दिसंबर से मुख्य वित्तीय अधिकारी नहीं है और पिछले महीने से एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और महाप्रबंधक (क्रिकेट संचालन) की पोस्ट भी खाली है। इन महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों को पिछले पदाधिकारियों के अनुबंध के बाद से भरा नहीं गया था, जो वर्तमान डिस्पेंसेशन द्वारा बढ़ाया नहीं गया।

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