रूस के राष्ट्रपति ने बेटी को कोरोना वैक्सीन का पहला टीका लगाने के साथ ही कहा, ‘मेरी बेटी को हल्का बुखार था, अब वो पूरी तरह ठीक है’

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

कोरोना वैक्सीन को लेकर रूस ने बड़ा दावा किया है। रूस का कहना है कि उसने कोरोना की पहली वैक्सीन तैयार कर ली है  साथ ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बेटी को वैक्सीन का टीका लगाया गया है।

यह बड़ा ऐलान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद किया है। पुतिन ने बताया कि कोरोना वायरस के दुनिया के पहले टीके को रूस में मंजूरी मिल गई है।

इस वैक्सीन का टीका लगाए जाने के बाद वो पूरी तरह ठीक है

रूस पहले ही बता चुका था कि उसका वैक्सीन बनाने का काम पूरा हो चुका है और वह इसे लॉन्च करनेवाला है। पुतिन के मुताबिक, ऐसा हेल्थ मिनिस्ट्री के अप्रूवल के बाद ही किया गया है। पुतिन ने यह भी बताया कि यह कोरोना टीका सबसे पहले उनकी बेटी को ही लगाया गया है।

व्लादीमिर पुतिन ने कहा, “मेरी बेटी को हल्का बुखार था, लेकिन इस वैक्सीन का टीका लगाए जाने के बाद अब वो पूरी तरह ठीक है। वो पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रही हैं। उसने इस परीक्षण में हिस्सा लिया था।”

इस वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल 18 जून को लॉन्च हुआ था जिसमें इस वैक्सीन ने सकारात्मक परिणाम दिए। पुतिन ने रूसी स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको से कहा कि वे वैक्सीन से जुड़े सभी अपडेट्स देते रहने को कहा।

इस वैक्सीन को अन्य देशों में सप्लाई करने की योजना है

रूस इसी के साथ कोविड-19 वैक्सीन बनाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। रूस की योजना के अनुसार, सबसे पहले यह वैक्सीन हेल्थ वर्कर्स को दी जाएगी और इसके बाद बुजुर्गों का नंबर आएगा। रूस की इस वैक्सीन को दुनिया के अन्य देशों को सप्लाई करने की भी योजना है। सितंबर से इस वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया जाएगा।

रूस के उप स्वास्थ्य मंत्री ओलेग ग्रिडनेव ने ऐलान किया था कि आज मंगलवार यानी 12 अगस्त को करोना वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन होगा। पुतिन ने दावा किया कि ये टीका आवश्यक परीक्षणों से गुजरा है।

कोरोना के खिलाफ जंग में यह बड़ी सफलता है

वहीं, रूस के उप प्रधानमंत्री तात्याना गोलिकोवा ने सितंबर में कोरोना वायरस के ‘औद्योगिक उत्पादन’ शुरू करने का वादा किया है और मुराशको ने कहा है कि सामूहिक स्तर पर टीकाकरण अक्टूबर में शुरू होगा।

अगर रूस का यह दावा सही साबित होता है तो कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में यह बड़ी सफलता होगी और इस साल के अंत तक दुनिया को कोरोना वैक्सीन मिल सकती है।

रूस के कोरोना वायरस टीके को शक की निगाह से भी देखा जा रहा है. इसपर कई एक्सपर्ट्स ने सवाल खड़े किए हैं। वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गनाइजेशन ने कहा था कि उन्‍हें रूसी वैक्‍सीन से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी या डेटा नहीं मुहैया कराया गया है।

अमेरिका के संक्रामक रोगों के व‍िशेषज्ञ डॉक्‍टर एंथनी फॉसी ने भी कहा था कि उम्मीद है रूस ने कोरोना वैक्सीन को लॉन्च करने से पहले उसकी टेस्टिंग कर ली है।

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