उन्नीस से इक्कीसे होने की जंग जारी

धर्मेंद्र पैगवार | भोपाल

सिंधिया अपने 19 समर्थकों में से 11 को मंत्री बनवा चुके हैं, अब बड़े विभागों पर भी उनकी दावेदारी है, कई बार मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद भी इस पर सहमति नहीं बन सकी, अब दिल्ली दरबार में रविवार को होगा फैसला

प्रदेश में मुख्यमंत्री के शपथ लेने के 100 दिन बाद बने मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा पावर पॉलिटिक्स में उलझ गया है। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक धड़े के रूप में अपनी डिमांड रख दी है। वे अपने समर्थक मंत्रियों के लिए बड़े विभाग चाहते हैं। सिंधिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच हुई बैठकों में कोई नतीजा नहीं निकल सका। इसके बाद तय हुआ कि इस पर दिल्ली में ही अंतिम फैसला होगा।

रविवार को मुख्यमंत्री चौहान दिल्ली जाएंगे और वहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ ही सिंधिया से भी चर्चा करेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार में जिस तरह देरी हुई थी, अब उतनी ही अड़चन विभागों के बंटवारे में भी आ रही है। मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद सिंधिया भोपाल में ही रुक गए थे उन्होंने 2 जुलाई की रात और 3 जुलाई की सुबह दो बार मुख्यमंत्री से विभागों को लेकर चर्चा की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा व संगठन महामंत्री सुहास भगत से लंबी चर्चा की। माना जा रहा था कि इस कवायद के बाद दिल्ली में भाजपा हाईकमान को जानकारी देकर शनिवार शाम तक मंत्रियों में विभाग बांट दिए जाएंगे, पर ऐसा नहीं हो सका। सूत्र बताते हैं कि सिंधिया और मुख्यमंत्री के बीच शनिवार को फोन पर भी वार्ता हुई और इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को भी सीएम ने इसकी जानकारी दी।

इन विभागों पर अड़े सिंधिया

सिंधिया अपने समर्थक मंत्रियों के लिए राजस्व, नगरीय प्रशासन, परिवहन, स्वास्थ्य, पर्यटन, महिला बाल विकास और सामान्य प्रशासन जैसे बड़े विभाग मांग रहे हैं। भाजपा इनमें से कुछ विभागों को देना नहीं चाहती तो कुछ विभाग ऐसे हैं जो भाजपा संगठन के हिसाब से पार्टी प्रदेश कार्यालय और राष्ट्रीय कार्यालय की देखरेख में काम करते हैं। इनसे होने वाली आय पार्टी कार्यालय में जाती है और यही बात सिंधिया को समझाने की कोशिश हो रही है।

कॉल आई…स्टेट हैंगर से लौटे सीएम

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री चौहान को शनिवार शाम को ही दिल्ली बुलाया था। मुख्यमंत्री शाम 7:30 बजे दिल्ली रवाना होने वाले थे, वे स्टेट हैंगर तक भी गए, लेकिन इसी बीच दिल्ली से आए संदेश के बाद वह वापस सीएम हाउस के लिए रवाना हो गए। बताया जाता है कि सीएम कुछ लेट हो गए थे और दिल्ली में उन्हें जिन नेताओं से मिलना था, वे देर रात को मीटिंग के लिए उपलब्ध नहीं थे। अब मुख्यमंत्री रविवार सुबह 8:30 बजे दिल्ली जाएंगे।

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