पाकिस्तान की आवाम के लिए बदतर हुई सोशल मीडिया की दुनिया

विभव देव शुक्ला

अक्सर इन्टरनेट तमाम बड़ी परेशानियों की वजह बनता है, कभी-कभी परेशानी ऐसी होती है कि हल ढूँढे नहीं मिलता। लेकिन संवाद की इतनी बड़ी सूरत बन चुके इन्टरनेट के बिना हाल फिलहाल की दुनिया के बारे में सोचना भी मुश्किल है। इन्टरनेट न हो तो कितना कुछ थम जाएगा, कितना कुछ रुक जाएगा। लेकिन दुनिया के तमाम देश ऐसे हैं जहां इन्टरनेट से जुड़ी सुविधाएं लचर हैं, ऐसे देशों की सरकारों ने लोगों के लिए इन्टरनेट को सीमित कर दिया है।

इन्टरनेट के तमाम पहलुओं की हालत खस्ता
ठीक ऐसे हालात बन रहे हैं हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में। पाकिस्तान को इन्टरनेट की आज़ादी के मामले में दुनिया का सबसे बदतर देश माना गया है। एक टेक शोध संस्था कमपैरीटेक (comparitech) ने पाकिस्तान में इन्टरनेट से जुड़े तमाम पहलुओं पर शोध किया था। समूह के सर्वेक्षण के मुताबिक पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया, राजनीतिक पत्रकारिता, डिजिटल पत्रकारिता जैसे तमाम अहम पहलुओं को सीमित कर रखा है।

क्या रहे बाकी देशों के हालात
यह सर्वेक्षण दुनिया भर के 181 देशों में कराया गया था। सर्वेक्षण के कुल 5 मानदंड तय किए गए थे टोरेंट पर सेंसरशिप, पॉर्नोग्राफ़ी, न्यूज़ मीडिया, सोशल मीडिया और वीपीएन। सर्वेक्षण में पाकिस्तान को 10 में से 7 अंक मिले और पाकिस्तान के अलावा बेलारूस, तुर्की, ओमान, यूएई और इरिट्रिया के हालात भी लगभग ऐसे ही बताए गए हैं।
इन सभी देशों के हालात लगभग एक जैसे होने का सबसे बड़ा कारण यह था कि इन्टरनेट को लेकर इन सभी का नज़रिया एक जैसा ही है। सबसे पहले इन सभी देशों में पॉर्नोग्राफ़ी पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके अलावा इन्टरनेट पर आने वाली राजनीतिक विषयवस्तु पर भी काफी लगाम लगाई जाती है। इस सूची में उत्तर कोरिया को 10 में से 10 अंक, चीन को 9 और रूस, तुर्कमेनिस्तान और ईरान जैसे देशों को 8 अंक मिले हैं।

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