कल शिवराज सिंह के मंत्रिमंडल में हो सकता है बड़ा बदलाव, 25 मंत्री शामिल किए जाने की संभावना

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

राज्यपाल लालजी टंडन की खराब सेहत को देखते हुए राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्य प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि मंत्रिमंडल में नए सदस्यों को शपथ 30 जून को दिलाई जा सकती है।

लगभग तीन माह बाद दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संभावित मंत्रियों की सूची को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतप्रकाश नड्डा, संगठन महामंत्री बीएल संतोष और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से लंबी चर्चा की।

इसके बाद इस बात की संभावना और प्रबल हो गई है कि मंत्रिमंडल में नए सदस्यों को शपथ 30 जून को दिलाई जा सकती है। बताया जा रहा है कि आनंदीबेन पटेल सोमवार को भोपाल आ सकती हैं।

मंत्रिमंडल में 25 मंत्री शामिल किए जा सकते हैं

सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल में 25 मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। इनमें सिंधिया समर्थकों की संख्या 10 और भाजपा कोटे के 15 मंत्री रहेंगे।

सिंधिया समर्थकों के नाम और विभाग को लेकर निर्णय सिंधिया और शिवराज की मुलाकात के बाद होगा। पार्टी के उच्च पदस्थ पिछली सरकारों में मंत्री रहे कुछ वरिष्ठ नेताओं को इस बार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान को लगभग सौ दिन पूरे हो रहे हैं, लेकिन उनकी टीम पूरी तरह गठित नहीं हो पाई है। कोरोना लॉकडाउन के कारण पहले चरण में हुए विस्तार में वे पांच मंत्रियों को ही अपनी टीम में जोड़ पाए थे।

5 नाम पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने खारिज कर दिए हैं

चौथी बार मुख्यमंत्री बने शिवराज को इस बार अपनी कैबिनेट के गठन में फ्री हैंड नहीं मिल पाया है। खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि शिवराज मंत्रियों की जो लिस्ट दिल्ली लेकर गए थे, उसमें कम से कम 5 नाम पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने खारिज कर दिए हैं।

मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सदस्यों की कुल संख्या के लिहाज से महज 35 विधायक मंत्री बनाए जा सकते हैं। शिवराज कैबिनेट में फिलहाल 5 मंत्री है, इस तरह से अभी 30 मंत्रियों की जगह खाली है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 कांग्रेस विधायकों ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। इनमें छह मंत्री भी शामिल थे।

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