नारियल तोड़ने वाले केरला के ये मजदूर इस तरह कर रहे पुलिसवालों की मदद

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। 

इस वक़्त पूरी दुनिया थमी हुई है सब अपने घरों में बंद है जो इस हालात के अनुसार ज्यादा जरूरी है। अब वायरस के दौर में भी जो नहीं थमे वो हैं पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, मीडियाकर्मी ये अभी भी अपने कार्य को लेकर सजग हैं। अभी तक के किस्सों में आपने ये सुना देखा है कि पुलिसवाले से लेकर स्वास्थ्यकर्मी किस तरह मदद कर रहे हैं लेकिन अब इस मदद के दौर में एक मजदूर का चेहरा भी सामने आया है।

आंध्र प्रदेश से पिछले दिनों एक खबर सामने आई थी वहां पर एक महिला चिलचिलाती गर्मी में ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों को कोल्ड ड्रिंक देते हुए दिखाई दे रही थी। महीना का वह महिला 3500 रूपए कमाती है और आप सोच सकते हैं कि वह उसी में पुलिसकर्मियों की ऐसे मदद कर रही है। ऐसी ही एक और खबर सामने आई है। कोरोना वॉरियर्स की मदद के लिए इस मुश्किल घड़ी में केरल के गिरेश सामने आए हैं। वह मजदूर हैं और नारियल तोड़ते हैं।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, गिरेश कलावूर के रहने वाले हैं। वो अपनी कमाई से पुलिसकर्मियों को पानी और खाना दे रहे हैं। वो कहते हैं, “मैं अपनी कमाई के कुछ हिस्से से पुलिसकर्मियों की मदद कर रहा हूं। मैं ज्यादा तो नहीं कमाता। मैं उन्हें बस केला और सोडे की बोतल देता हूं।”

गिरेश की सराहना करते हुए कलावूर के सब इस्पेक्टर टालसन जोसेफ ने कहा, “मैं रोज इस शख्स को मोटरसाइकिल पर देखता था। जब मैंने इंक्वायरी की तो मुझे पता चला कि ये तो पुलिसकर्मियों को पानी और स्नैक्स देता है।”

गिरेश को एक बार नारियल के पेड़ पर चढ़ने के 100 रुपए मिलते हैं। वह कहते हैं, कोरोना महामारी के समय पुलिस के जवाब अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और मैं अपनी।

सब इस्पेक्टर टालसन आगे बताते हैं कि पहली बार जब मैंने इन्हें देखा तो पता चला कि ये रोजाना ऐसा कर रहे हैं। जोसेफ कहते है, अगर पुलिस से ये सामान लेने से मना करती है तो गिरीश पीछे रखकर चले जाते हैं।

कुंजूमोल की एक महिला पुलिसकर्मी का कहना है कि, गिरेश ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को केला और पानी पहुंचाते हैं। उनका काम बेहद सराहनीय है। हम गर्मी में लगातार ड्यूटी कर रहे हैं, दुकाने बंद हैं। ऐसे में दूसरों की मदद करने जज्बा काबिलेतारीफ है। हालांकि डिपार्टमेंट की ओर से भी खाने की चीजें मुहैया कराई जा रही है।

लोगों ने भी गिरेश के इस नेक काम की जमकर की तारीफ। लोगों ने बहुत पॉजिटिव रिएक्‍शन ट्विटर पर दिए। पुलिसकर्मियों की इस तरह से मदद करके इन दोनों ने साबित कर दिया कि ज्यादा पैसे होने से इंसान बड़ा नहीं बनता इंसान बड़ा दिल हाेने से बनता है। आप भी इंसान या बेजुबान जानवरों की मदद इस मुश्किल घड़ी में कर सकते हैं। 

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