इस ब्रिटिश यात्री ने कहा जैसा इलाज भारत में मिला है वैसा मुझे अपने देश में भी नहीं मिलता

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में केरल भी शामिल है, शनिवार शाम तक यहां Covid19 के 306 मरीज सामने आ चुके थे। अब तक राज्य में इस बीमारी से दो लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में 50 लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें ठीक होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है।

हम आपको ये आंकड़े इसलिए दिखा रहे हैं कि जिनको अस्पताल से छुट्टी मिली है उनमें से कुछ विदेशी भी थे। उन्होंने यहां से ठीक होने के बाद अब एक वीडियो जारी किया है जिसमें एक ब्रिटिश नागरिक 57 साल के ब्रायन लॉकवुड ने भारत को शुक्रिया अदा किया है।

ब्रायन अपनी पत्नी समेत 18 लोगों के साथ केरल के टूर पर आए थे। ब्रायन को दुबई की फ्लाइट पकड़ने से कुछ वक्त पहले ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हफ्तों के इलाज से ठीक होने के बाद ब्रायन को कलामास्सेरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। ब्रायन ने आजतक के साथ बातचीत में इलाज के अपने अनुभव साझा किए।

ब्रायन ने कहा कि कोरोना पॉजीटिव होने की बात पता चलने पर वे डर गए थे। इलाज के बारे में उन्होंने कहा, “मेरी पत्नी और मुझे अलग रखा गया, हमारा कोरोना टेस्ट किया गया। एक्सरे हुए, इनमें दिखाया गया कि मुझे निमोनिया है. डॉ. फतेहुद्दीन और डॉ. जैकब ने अपनी टीम के साथ इलाज शुरू कर दिया। उन्होंने मुझे एंटी एचआइवी ड्रग्स या एंटी वायरल्स में से एक विकल्प चुनने को कहा। बाद में मेरा निमोनिया के चलते मुझे वेंटिलेटर पर रखा गया। इससे रिकवरी में बहुत मदद मिली।”

मैं बहुत किस्मत वाला हूं। मेरी स्थिति दूसरी ही होती लेकिन मुझे सही समय पर सही इलाज मिला। अस्पताल में मेडिकल स्टाफ पूरी तरह से पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) मौजूद था। उनके शरीर का कोई भी हिस्सा खुला नहीं होता था। सभी अस्पतालों को अपने हेल्थकेयर स्टाफ का ऐसे ही ध्यान रखना चाहिए।

ब्रायन ने कहा कि उन्होंने सुना था कि केरल में टॉप क्लास मेडिकल केयर है। आइसोलेशन रूम को नियमित तौर पर सैनेटाइज किया जाता था। मेडिकल टीम वर्ल्ड क्लास थी। उसके सदस्य बहुत विनम्र, ख्याल रखने वाला होने के साथ सही मायने में प्रोफेशनल्स थे।

मैं ऐसा नहीं समझता कि ब्रिटेन में मेरा बेहतर इलाज होता। सभी मेडिकल फैसले ठीक वक्त पर लिए गए। मेडिकल टीम समर्पित थी कि मरीज के इलाज के लिए जो बेहतर से बेहतर हो सकता है, वो किया जाए। वो लगातार मेरी पत्नी को भी मेरी स्थिति के बारे में बताते रहे। इससे मेरी पत्नी को भी निश्चिंत रहने में बहुत मदद मिली।

सफल इलाज के बाद ब्रायन और उनकी पत्नी अब कोच्चि में एक सरकारी सुविधा में रह रहे हैं। 14 दिन के निगरानी पीरियड के बाद वो अपने देश वापस जाने दिया जाएगा।


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