पुलिसकर्मियों को कोरोना के संक्रमण से बचाएगी ये मशीन

नई दिल्ली

15 मिनट में 25 जोड़ी वद , डंडा, शील्ड, हेलमेट साफ करने वाली मशीन तैयार

भारतीय रक्षा और अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) के आविष्कार कोरोना वायरस से जारी लड़ाई में बड़े मददगार साबित हो रहे हैं। इनके जरिए देश को कोरोना से लड़ने की ताकत मिल रही है। डीआरडीओ ने ऐसा ही एक और नया आविष्कार किया है। संगठन ने कोरोना वायरस के खिलाफ फ्रंटफुट पर लड़ाई लड़ रहे रक्षा कर्मियों के लिए एक खास तरह का सैनिटाइजिंग चैम्बर तैयार किया है ताकि उन्हें संक्रमण से बचाया जा सके।
डीआरडीओ के एक अधिकारी ने बताया कि इस सैनिटाइजिंग चैंबर मशीन को ‘जर्मीक्लीन’ नाम दिया गया है और इसे दिल्ली में संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में स्थापित गया है। यह मशीन 15 मिनट के भीतर 25 जोड़ी वर्दी को साफ कर सकती है। अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की ओर से अपनी वर्दी, डंडा, शील्ड, हेलमेट आदि को संक्रमण मुक्त करने के लिए डीआरडीओ से ऐसी मशीन डिजाइन करने का आग्रह किया गया था, जिसके बाद उनकी आवश्यकता को देखते हुए सुरक्षा बलों की वर्दी को साफ करने के लिए यह चैंबर विकसित किया गया है।

कोरोना के इस दौर में अन्य विभागों और कार्यक्षेत्र के लोग तो वर्क फ्रॉम होम कर सकते हैं, लेकिन पुलिस विभाग के लिए ऐसा करना नामुमकिन है। कोरोना के इस दौर में पुलिस कर्मी लंबी ड्यूटी भी कर रहे हैं। इस दौरान में वह कितने ही लोगों के संपर्क में आते हैं. कपड़ों पर भी कोरोना वायरस का चिपकने का खतरा रहता ही है। ऐसे में यह मशीन बनवाई गई है। अभी इस इसे सिर्फ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पर इंस्टाल किया गया है। बता दें कि देश में मुंबई, दिल्ली, इंदौर समेत कई शहरों में पुलिसकर्मी कोरोना की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं।

इसके पहले बनाया था वेंटिलेटर

डीआरडीओ ने इसके पहले उन्नत तकनीक वाला वेंटिलेटर विकसित किया था। उसकी तकनीक को वेंटिलेटर इंडस्ट्री को सौंपा गया है। डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी ने बताया है कि संगठन ने सोसायटी फॉर बायोमेडिकल टेक्नोलॉजी (एसबीएमटी) के साथ एक वेंटिलेटर विकसित किया है। कोरोना से लड़ाई में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यह वेंटिलेटर सहायक हो रहा है।

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