राहुल गांधी के इस बयान ने महाराष्‍ट्र की गठबंधन सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को एक बयान देकर महाराष्‍ट्र में बनी गठबंधन सरकार की दो पार्टियों शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सामने असहज स्थिति पैदा कर दी है।

यहां संक्रमितों की संख्या 50 हजार को पार कर गई है। बढ़ते मामलों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे लेकर एक बयान दिया। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल ने कहा कि हम महाराष्ट्र में सरकार को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन हमारे पास फैसला लेने की पूरी ताकत नहीं है।  

महाराष्ट्र सरकार को समर्थन लेकिन फैसला नहीं ले सकते

राहुल गांधी ने कहा कि जितनी ज्यादा कनेक्टटेड जगह हैं, वहां कोरोना होता है। मुंबई-दिल्ली में इसलिए अधिक मामले हैं, हम महाराष्ट्र में सरकार को समर्थन कर रहे हैं, लेकिन फैसला लेने की क्षमता में नहीं हैं। हम पंजाब-छत्तीसगढ़-राजस्थान में फैसला लेने की क्षमता में हैं।

हालांकि, राहुल गांधी ने कहा, “कुछ राज्यों में हमारी सरकार है, हम किसानों, मजदूरों को सीधे नकद दे रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार से कोई समर्थन नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार के पर्याप्त समर्थन के बिना हमारे राज्यों के लिए कार्य करना कठिन होता जा रहा है।”

मोदी को फ्रंटफुट पर खेलने की दी सलाह

आज राहुल गांधी ने सरकार को भी घेरते हुए कहा कि देश में चार चरणों में लगाया गया लॉकडाउन विफल रहा है। राहुल ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि आगे कोरोना संकट से निपटने और जरूरतमंदों को मदद देने की उनकी रणनीति क्या है?  

उन्होंने आगे कहा बेरोजगारी की समस्‍या कोरोना की वजह से नहीं आई है। वह पहले से चली आ रही थी। अब इस पूरी समस्‍या में एक नया एलिमेंट जुड़ गया है। कारोबार बंद हो गए, कई सारे मझोले उद्योग बंद होने जा रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि हम इसीलिए छोटे उद्योगों को पैसा देने की डिमांड कर रहे हैं। अगर हम ऐसा नहीं करते तो ये आत्‍मघाती होगा।

राहुल ने पीएम मोदी से सवाल करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री ने अलग ही पोजिशन अपना रखी है। पहले उन्‍होंने फ्रंटफुट पर खेला, फिर वह दिखना ही बंद हो गया। प्रधानमंत्री को देश देखना चाहता है, उन्‍हें बताना होगा कि आगे की रणनीति क्‍या है। उन्‍हें फ्रंटफुट पर आकर खेलना होगा।”

वित्त मंत्री के तंज का भी दिया जवाब

मजदूरों की मुश्किलों पर भी बात की। इस दौरान राहुल गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा किए गए हमले का जवाब भी दिया।

राहुल गांधी ने कहा कि मुझे मजदूरों से बात करके अच्छा लगता है और मुझे काफी कुछ सीखने को मिलता है। लेकिन अगर मुझे परमिशन मिलती है, तो मैं पैदल ही उत्तर प्रदेश निकल जाऊंगा और मदद करना शुरू कर दूंगा मजदूरों की। लेकिन सरकार मुझे परमिशन नहीं देगी।

बैग उठाने के तंज पर राहुल गांधी ने जवाब दिया कि अगर मुझे परमिशन दे दी जाती है तो मैं एक नहीं दस मजदूरों के बैग उठाने के लिए भी तैयार हूं।

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