बॉयज लॉकर रूम’ की मंशा जानने के लिए लड़की ही कर रही थी नकली आईडी बनाकर रेप की बात

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

सोशल मीडिया पर स्कूली छात्रों के बीच अश्लील चैट का स्क्रीनशॉट बीते दिनों से खूब चर्चा में हैं। अब इस केस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

साइबर सेल यूनिट का दावा है कि रेप वाली चैट ब्वायज लॉकर रूम का हिस्सा नहीं था। यह चैट एक नाबालिग लड़की ने लड़के के नाम से नकली प्रोफाइल बनाकर अपने दोस्त के साथ किया था।

सिद्धार्थ नाम से बनाई प्रोफ़ाइल

पुलिस के मुताबिक, ‘सिद्धार्थ’ नाम से लड़की ने एक लड़के को अपने गैंगरेप की प्लानिंग सुझाई। जिस लड़के को मेसेज भेजे गए। वह भी नाबालिग है। उसने ‘सिद्धार्थ’ के सुझाए प्लान में हिस्सा लेने से मना कर दिया और बातचीत भी बंद कर दी।

उस लड़के ने चैट का स्क्रीनशॉट अपने दोस्तों के ग्रुप में भेज दिया, जिसमें वह लड़की भी शामिल थी। सिर्फ लड़की को ही पता था कि ‘सिद्धार्थ’ नाम का प्रोफाइल काल्पनिक है जो उसने बनाया था। दोस्तों में से एक ने स्क्रीनशॉट इंस्टाग्राम स्टोरी के तौर पर पोस्ट कर दिया जहां से यह सोशल मीडिया अकाउंट्स में वायरल हो गया।

पुलिस ने चैट में इस्तेमाल मोबाइल फोन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक रेप वाली चैट के बाद लड़के ने फिर चैट बंद कर दी थी।

इस चैट रूम में बाहरी लोग थे शामिल

पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या लड़के ने चैट बंद कर दिया था या फिर अपने बचाव में चैट को डिलीट कर दिया था। साइबर सेल के मुताबिक जब ब्वॉयज लॉकर रूम के सदस्यों की एक-एक कर जांच हुई तो यह पता चला कि रेप वाला यह वायरल चैट तो ग्रुप के सदस्यों का नहीं है, बल्कि यह किसी दो बाहरी शख्स के बीच का है।

साइबर सेल टीम के एक सदस्य ने कहा, “हमारी जांच स्कूल ने क्या किया क्या नहीं किया, इस तरफ नहीं है। हमें पूरा केस गवाह और सबूत खोलने के लिए इस छात्र की तलाश है। फिलहाल चूंकि यह छात्र और उसका परिवार हमारे पास मौजूद पते-ठिकाने पर नहीं मिला है। लिहाजा जब तक यह छात्र नहीं मिलेगा तब तक हम (दिल्ली पुलिस साइबर सेल) जांच के नजरिए से किसी ठोस मुकाम तक नहीं पहुंच सकते हैं। अब तक जिन 15 लोगों से पूछताछ हुई है, उन सबमें सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यही फरार छात्र है।”

क्या बला है ‘बॉयज लॉकर रूम’

‘बॉयज लॉकर रूम’ इंस्टाग्राम पर 17 से 18 साल के लड़कों का एक ग्रुप था। इस ग्रुप में लड़कियों की न्यूड फोटो अपलोड कर आपत्तिजनक बातें की जाती थीं। ग्रुप में कम उम्र की लड़कियों के साथ रेप जैसे घिनौने अपराध की धमकी दी जाती थी।

दिल्ली पुलिस इंस्टाग्राम पर बने बॉयज लॉकर रूम मामले में 24 बच्चों से पूछताछ और ग्रुप के एडमिन को गिरफ्तार कर चुकी है।

बॉयज लॉकर रूम का मुद्दा बुधवार को सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। तीन वकीलों की ओर से याचिका दायर कर कहा गया कि यह मामला न सिर्फ प्राइवेसी से जुड़ा है, बल्कि महिला सेफ्टी का भी है। सुप्रीम कोर्ट को दखल देना चाहिए।

दो अन्य वकीलों ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को खत लिखकर इस मामले का संज्ञान लेने को कहा है। केंद्रीय महिला और बाल विकास राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी ने भी कहा कि ऐसी घटनाओं को ऑनलाइन उत्पीड़न का सीधा मामला मानना चाहिए।

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