आज का ‘आत्मनिर्भर योजना पैकेज’ छोटे किसान, प्रवासी मजदूर और रेहड़ी पटरी वालों के नाम

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लागू लाॅकडाउन के 51वें दिन गुरुवार को आत्मनिर्भर भारत के लिए आ​र्थिक सहायता घोषणा के दूसरे दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज पैकेज छोटे किसान, प्रवासी मजदूरों और रेहड़ी पटरी वालों के लिए है।

इन लोगों के लिए नौ घोषणाएं की जाएंगी, जिनमें से तीन प्रवासी मजदूरों के लिए है। कोरोना संकट से निपटने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज के पहले चरण में बीते बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई ऐलान किए, जिनसे करीब 5.94 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज देने की बात की गई है। 

आत्मनिर्भर योजना में अब क्या नया बताया गया

आज की घोषणा में बताया गया कि हमने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की घोषणा की थी लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। इसलिए हम और घोषणाएं लाए हैं। 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गये हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले दो महीने में हमने गांवों और कृषि सेक्टर के लिए कई कदम उठाए हैं। पिछले दो महीने में कृषि सेक्टर को 63 लाख करोड़ का ऋण दिया गया।

शुरुआत में वर्किंग कैपिटल करीब 10 हजार रुपये मिलेंगे जिससे कारोबार की शुरुआत हो सके। वन नेशन-वन राशन कार्ड की योजना पर काम होगा। हर राज्य में इसे लागू किया जाएगा। प्रवासी मजदूरों को मुफ्त में भोजन सामग्री मिलेगा। इन मजदूरों को 5 केजी गेहूं या चावल और एक किलोग्राम दाल मिलेगी।

प्रवासी मजदूर को वापस घर जा रहे हैं, उन्हें तेजी से मनरेगा योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है। मई 2019 के मुकाबले इस साल 50 फीसदी ज्यादा मजदूरों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। 13 मई तक 14.62 करोड़ पर्सन डे वर्क पूरे हो चुके हैं।

किसानों के लोन में राहत मिलेगी

फसली लोन पर जो रीपेमेंट की तारीख 1 मार्च थी, उसे बढ़ाकर 31 मई 2020 कर दिया गया है। देश के 3 करोड़ किसान जिनपर करीब 4.22 लाख करोड़ रुपये का लोन है, उन्होंन लोन मोराटोरियम पीरियड का फायदा उठाया है। राज्यों ने किसानों को 6700 करोड़ की मदद दी है। फसल कर्ज की अदायगी की समय सीमा बढ़ाई गई।

इससे पहले की घोषणा में भी मदद की बात की गई है

इससे पहले 13 मई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई ऐलान किए थे। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने 20 लाख करोड़ रुपये के मेगा राहत पैकेज के तहत 15 प्रमुख घोषणाएं की। वित्तमंत्री ने सूक्ष्म, लधु एवं मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई को बढा़वा देने के लिए बड़ी राहत देने के साथ-साथ एमएसएमई की परिभाषा में भी बदलाव का एलान किया था।

एमएसएमई के लिए तीन लाख करोड़ रुपये का कोलेटल फ्री यानी बगैर किसी जमानत या बंधक के कर्ज प्राप्त करने की व्यवस्था की है।

साथ ही आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी है। वहीं, टैक्स ऑडिट की आखिरी तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर की गई है। रेलवे, सड़क परिवहन राजमार्ग और सीपीडब्ल्यूडी जैसी केंद्र सरकार की एजेंसियों के ठेकेदारों को उनके प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए छह महीने का और समय दिया जाएगा।

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