अमेरिका का आदेश, 72 घंटे में महावाणिज्य दूतावास बंद करे चीन

वॉशिंगटन

कोल्ड वार के बाद ऐसा पहली बार है कि अमेरिका ने इस तरह किसी भी देश के दूतावास को बंद करने का आदेश जारी किया है

अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने एक कड़ा कदम उठाते हुए बुधवार को चीन को अपने ह्यूस्टयन स्थित महावाणिज्यं दूतावास को 72 घंटे के अंदर बंद करने का आदेश दे दिया है। अमेरिका के इस आदेश के बाद से ही दूतावास के अंदर से धुंआ उठता नज़र आ रहा है और ऐसा माना जा रहा है कि चीनी कर्मचारी गोपनीय दस्तावेजों को जला रहे हैं। उधर, अमेरिका के इस कदम के बाद चीन भी भड़क गया है और उसने भी आवश्यीक जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ह्यूस्टन पुलिस भी वाणिज्यस दूतावास के बाहर मौजूद है लेकिन डिप्लोमेटिक अधिकारों के चलते अंदर प्रवेश नहीं कर सकती।

पुलिस ने बताया कि लोगों ने दूतवास से धुंआ उठता देखकर उन्हें सूचना दी थी जिसके बाद वे यहां आए थे लेकिन चीनी अधिकारियों ने उन्हें अंदर घुसने की अनुमति नहीं दी है। कोल्ड वार के बाद ऐसा पहली बार है कि अमेरिका ने इस तरह किसी भी देश के दूतावास को बंद करने का आदेश जारी किया हो। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने चीन के साथ जारी गंभीर तनाव को देखते हुए ह्यूस्टवन के महावाणिज्या दूतावास को बंद करने का आदेश दिया गया है।

गोपनीय फाइलें जला रहे हैं अधिकारी

इतने कम समय में महावाणिज्यअ दूतावास को खाली करने के आदेश से चीन के विदेश मंत्रालय में हड़कंप मच गया है। अमेरिका के आदेश के बाद चीनी दूतावास के अंदर अफरातफरी का माहौल देखा गया। यही नहीं चीनी कर्मी बड़ी संख्या में गोपनीय दस्तारवेजों को जलाते देखे गए हैं। कर्मचारियों के दस्तावेज जलाने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। उधर चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के इस कदम की कड़ी निंदा की है और कहा कि अमेरिका ने इस गलत आदेश को वापस नहीं लिया तो वह ‘एक न्यागयोचित और आवश्यकक जवाबी कार्रवाई’ करेगा। बता दें कि आग को देखकर ह्यूस्टोन के फायर डिपार्टमेंट की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं लेकिन वे दूतावास के अंदर नहीं गई। अमेरिका के इस कदम से अब चीन के साथ उसके संबंधों के और ज्या दा तनावपूर्ण होने की आशंका बढ़ गई है।

अमेरिका में जल्द ही बैन हो सकता है टिकटॉक

अमेरिका में टिकटॉक को लेकर सख्ती बरती जा रही है और जल्द ही बैन किया जा सकता है। चूंकि इस ऐप का यूजरबेस भारत और अमेरिका में काफी ज्यादा है, ऐसे में इसकी पेरेंट कंपनी बाइटडांस इस ऐप के फ्यूचर को लेकर चिंतित हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक कई अमेरिकी इंवेस्टर्स टिकटॉक को खरीदने का ऑप्शन तलाश कर रहे हैं। इनमें अमेरिका के वो इंवेस्टर्स शामिल हैं जिनका अच्छा खासा स्टेक टिकटॉक की पेरेंट कंपनी बाइटडांस में है। बाइटडांस के सीईओ ने कुछ समय पहले ही कहा था कि इस ऐप के बेस्ट फ्यूचर के लिए हम इसे बेचने के लिए तैयार हैं। रिपोर्ट में इस मामले की जानकारी रखने वाले कुछ लोगों के हवाले से कहा गया है, बाइटडांस अमेरिका के कुछ इंवेस्टर्स कंपनी के टॉप मैनेजमेंट के साथ टिकटॉक के ज्यादातर स्टेक खरीदने को लेकर बातचीत कर रहे हैं।

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