जाम से बचने के लिए फास्टैग लेन का उपयोग किया, टोल प्लाज़ा वालों ने पीटकर मार डाला

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। लीचिंग की कोई सीमा नहीं होती। लोगों के भीतर ज़हर इस कदर भरा जा रहा है, लोग इतना ज़्यादा इससे ग्रसित हो चुके हैं कि उन्हें समझ ही नहीं आ रहा कब लीचिंग की सीमा पार कर वो इतने क्रूर हो गए।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में सिवाया टोल प्लाज़ा से जुड़े दो कर्मचारियों और कुछ बाउंसर के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है। इन पर एक गन्ना किसान को ग़लत लेन पर जाने की वजह से उसे पीटने का आरोप है, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। फिलहाल आरोपी फरार चल रहे हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक यह घटना 3 फरवरी की है। सोहनवीर चौहान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली में गन्ना लेकर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि वो जाम से बचने के लिए फास्टैग लेन से का उपयोग किया, तभी कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया और मारपीट करने लगे। सोहनवीर दुल्हैड़ा गांव के रहने वाले थे और गन्ना लेकर दौराला जा रहे थे। इस घटना के बाद गांव के लोगों ने टोल पर काफ़ी बवाल भी किया और रास्ता जाम रखा।

अखिलेश नारायण सिंह जो मेरठ के एसपी हैं उनका कहना है, “धारा 302 के तहत हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।”

वहीं सोहनवीर के परिवारवालों का आरोप है कि पुलिस मामले को दबा रही है इसमें किसी बड़े व्यक्ति का हाथ है। सोहनवीर के पिता रमेश और बड़े भाई नवीर चौहान ने आरोप लगाया कि ये प्लान किया हुआ मर्डर था।

परिवारवालों का कहना है, “टोल के कर्मचारी टोल प्लाज़ा रोज़ जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने की कोई कोशिश नहीं की। पुलिस टोल वाले मामले को दुर्घटना बताकर रफा-दफा करना चाहती है।”

वहीं टोल प्लाज़ा का इस घटना पर बिल्कुल अलग राय है। टोल प्लाज़ा के मैनेजर प्रदीप चौधरी ने हत्या के आरोप से इनकार करते हुए कहा कि उसकी मौत की वजह ट्रैक्टर की स्पीड थी। मैनेजर का कहना है कि स्पीड ज़्यादा होने के कारण ट्रक पलट गया तथा किसान उसके अंदर फंसा रह गया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास सीसीटीवी फुटेज भी हैं।

दूसरी तरफ सोहनवीर के दूसरे बड़े भाई रवींद्र चौहान का दावा है कि वो ट्रैक्टर में मौजूद थे और मैनेजर झूठ बोल रहे हैं। रवींद्र ने कहा कि वो किसी तरह बच गया, लेकिन वो लोग सोहनवीर को पीटते रहे।

घटना को याद करते हुए किसान के बड़े भाई का कहना है, “जब मैं अपने भाई को बचाने के लिए कुछ गांववालों के साथ लौटा, मुझे बताया गया कि सोहनवीर को पास के प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया है। जब हम वहां पहुंचे, तो डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा चुका है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी कहती है कि शरीर में कई फ्रैक्चर थे। उसके गले में एक गहरा निशान भी था।”

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी धरने पर बैठे। उन्होंने कहा कि टोल पर होने वाली गुंडई बंद होनी चाहिए। बीजेपी विधायक संगीत सोम ने मामले की जांच की मांग की है।

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