उत्तराखंड सरकार जानना चाहती है छात्रों का पक्ष, इसके लिए कराएगी ओपीनियन पोल

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। हर तरफ़ छात्र अपनी हक़ की लड़ाई लड़ रहे हैं उनकी मांगे भी बहुत बड़ी नहीं हैं बल्कि वो केवल सस्ती शिक्षा चाहते हैं लेकिन इतनी सी मांग पर भी सरकार का जवाब लाठी है। इसके इतर उत्तराखंड में छात्रों को लेकर काफ़ी अच्छी पहल की गयी है।

छात्रों के साथ-साथ लेक्चर के दौरान शिक्षकों को मोबाइल फोन रखना है या नहीं, इस बात पर उत्तराखंड में ओपीनियन पोल होने जा रहा है। उत्तराखंड सरकार 15 फरवरी से पूरे प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के बीच ओपीनियन पोल कराने की तैयारी में है। यानी उत्तराखंड सरकार बच्चों का पक्ष भी जानने के लिए तैयार है।

उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने इस मुद्दे पर बात करते हुए इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “इस इंटरनेट युग में मोबाइल फोन का इस्तेमाल जरूरी हो गया है और स्टूडेंट्स पढ़ाई में भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। मैं शिक्षकों और छात्रों के पैरेंट्स से बातचीत करने जा रहा हूं कि क्या लेक्चर के दौरान फोन रखने की इजाजत दी जानी चाहिए?”

रावत ने आगे कहा है कि अगर 51 फीसदी या इससे ज्यादा छात्र सहमत होते हैं कि क्लास में फोन नहीं ले जाना चाहिए तो सरकार कैंपस में फोन रखने की व्यवस्था करेगी। कैंपस में फोन ले जाने पर प्रतिबंध नहीं लगेगा।

रावत के मुताबिक अगले महीने राज्य भर के कॉलेजों में होने वाले सेमिनारों में छात्रों की राय ली जाएगी। उत्तराखंड में 10 विश्वविद्यालय और लगभग 280 कॉलेज हैं। सारे कॉलेज तथा विश्वविद्यालयों में ये पोल कराया जायेगा ऐसा अनुमान है।

साइबर सिक्योरिटी की लैब भी बनेगी

प्रदेश के एनआईटी या गढ़वाल केंद्रीय विवि में साइबर सिक्योरिटी एंड इंटरनेट ऑफ थिंग्स की लैब भी बनेगी। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के सामने प्रस्ताव रखा है। अगर इसमें कामयाबी मिलती है तो इजराइल के बाद इस तरह की यह देश की पहली और दुनिया की दूसरी लैब बन सकती है। इसमें एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. अनिल सहस्त्रबुद्धे ने अपनी सहमति दे दी है।

शिक्षकों के 800 पद भी बढ़ाये जायेंगे

प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में पढ़ाने के लिए वर्तमान में शिक्षक-छात्र अनुपात 1:42 का है। वर्तमान में प्रदेश में शिक्षकों के करीब 2200 पद निर्धारित हैं। डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि इस अनुपात को 1:30 करने के लिए 800 पद बढ़ाये जाएंगे। इसके लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा।

admin