वैक्सीनेशन… दिनभर में चार-पांच फोन लगा रहे हैं फिर भी बेअसर, दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर्स को लगेंगे टीके…

नौ मौके दिए फिर भी नहीं आए, 3 फरवरी को आखिरी मौका

इंदौर (नगर संवाददाता)। कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिले में शुरू किया गया पहले चरण का वैक्सीनेशन लगभग अंतिम चरण में है। इसमें करीब 30 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाए जाने का लक्ष्य है। पहले चरण में वैक्सीनेशन के नौ दौर पूरे हो चुके हैं जिसमें से 55.68 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों ने ही वैक्सीन लगाए हैं। बाकी बचे स्वास्थ्यकर्मी लगातार वैक्सीनेशन से बच रहे हैं। कई तो ऐसे हैं जिनका रजिस्ट्रेशन पहले दौर में था लेकिन वे शनिवार को नौ दौर होने के बाद भी नहीं आए। इन्हें हर दिन 4-5 बार फोन लगाए जा रहे हैं लेकिन वे लापरवाही बरत रहे हैं। इनके सहित सभी बचे स्वास्थ्यकर्मियों को 3 फरवरी को अंतिम मौका है। इसके बाद इन्हें अवसर नहीं मिलेगा।

वैक्सीनेशन शुरू होने के पहले काफी गंभीरता बरती गई थी। खासकर इस बिंदु पर की पहले चरण में कोई भी स्वास्थ्यकर्मी नहीं चूकेगा। उसे हर हाल में पहले वैक्सीन लगाया जाएगा लेकिन पहले दौर से ही लापरवाही शुरू हो गई जब 500 में से 378 स्वास्थकर्मियों ने ही वैक्सीन लगाए। इसके बाद तो उतार-चढ़ाव चलते रहे और आठवें दौर में स्थिति यह रही कि जिले में तब तक कुल 50 फीसदी ही वैक्सीनेशन हुआ जबकि स्थानीय अधिकारियों का कहना था कि 58 फीसदी हुआ। अगर 58 फीसदी मान भी ले तो भी 42 फीसदी स्वास्थ्यकर्मी ने वैक्सीन नहीं लगाए।

एक भी मामले में दस्तावेजी प्रमाण नहीं…
खास बात यह कि अभी भी कई स्वास्थ्यकर्मियों ने वैक्सीन नहीं लगवाए। सभी ने हर बार कुछ न कुछ कारण बताए लेकिन एक भी मामले में किसी ने ठोस दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए और न ही विभाग ने इसके लिए कोई सिस्टम रखा है। सब कुछ मौखिक तौर पर ही चल रहा है जबकि विभाग के सभी यूनिट प्रभारियों को भी कहा गया है कि वे मातहतों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करें।

नौवें दौर में ऐसी रही स्थिति
बहरहाल, शनिवार को नौवें दौर का वैक्सीनेशन शुरू हुआ। इस बार 67 सेंटर बनाए गए थे जिसमें 5727 स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य था। इसमें से 4110 ने वैक्सीन लगवाए। इस तरह 71.76 फीसदी वैक्सीनेशन हुआ। वैसे कुल नौ दौर में 55.68 फीसदी वैक्सीनेशन हुआ है।

फ्रंट लाइन वर्कर्स के लिए
29 हजार रजिस्ट्रेशन
इधर, दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाए जाएंगे। इसके लिए करीब 29 हजार अधिकारियों-कर्मचारियों के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इसमें पुलिस, नगर निगम, प्रशासन आदि विभागों से जुड़े लोग हैं। दूसरा चरण 6 फरवरी से शुरू होगा।

…तो फिर स्वास्थ्यकर्मियों को खरीदकर लगाने पड़ेंगे वैक्सीन
3 फरवरी को मॉकअप राउंड में जो स्वास्थ्यकर्मी वैक्सीन नहीं लगवाएंगे उसके बाद उन्हें विभाग की ओर से मौका नहीं मिलेगा। संभव है कि उन्हें फिर जब भी वैक्सीन लगाना हो तो निजी तौर पर खरीदकर ही लगवाना पड़ेगा क्योंकि अभी सभी स्वास्थ्यकर्मी पोर्टल में रजिस्टर्ड है। इसमें कितनों ने वैक्सीन लगाए हैं और कितनों ने नहीं, सारी जानकारियां समाहित हैं।

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