सिक्किम में भारत-चीन सैनिकों में हिंसक झड़प, कई जवान जख्मी

गंगटोक

सीमा पर तनाव दोनों देशों के करीब 150 सैनिकों में तीखी बहस और हाथापाई, बाद में बातचीत से मामला सुलझा

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बार फिर भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प की खबर सामने आई है। शनिवार को समुद्र तल से करीब 5000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सिक्किम के नाकु ला सेक्‍टर में यह घटना हुई। भारतीय सेना के सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। दोनों ओर के सैनिकों में तीखी बहस और हाथापाई हुई। इस घटना में 4 भारतीय सैनिक और 7 चीनी सैनिक घायल हो गए। सूत्रों ने बताया कि नियमित गश्त के दौरान यह झड़प हुई। हालांकि इस झगड़े को स्थानीय स्तर के हस्तक्षेप के बाद सुलझा लिया गया। सूत्रों ने बताया, कुछ देर चली बातचीत के बाद दोनों तरफ के सैनिक अपनी-अपनी पोस्ट पर वापस लौट गए। सीमा विवाद के चलते सैनिकों के बीच ऐसे छोटे-मोटे विवाद अक्सर होते रहते हैं।

सूत्रों की मानें तो करीब 3 साल बाद उत्तरी सिक्किम इलाके में भारत और चीन के सैनिकों के बीच ऐसा तनाव देखने को मिला। जब कभी ऐसा कोई विवाद होता है तो तय प्रोटोकॉल के मुताबिक दोनों सेनाएं इसे सुलझा लेती हैं। नई घटना मुगुथांग के आगे नाकु ला सेक्टर में शनिवार को हुई। एक अफसर ने बताया कि इस झड़प में दोनों देशों के करीब 150 सैनिक शामिल थे। सेना सूत्रों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख में भी 5 और 6 मई को दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने आ गए थे।

हालांकि, बातचीत के बाद उस मामले को भी सुलझा लिया गया था। इससे पहले साल 2017 में दोनों देशों के बीच सिक्किम क्षेत्र में भीषण तनाव देखने को मिला था। तब यह इतना बढ़ा था कि भारत के शीर्ष सैन्य अफसरों ने कई दिनों तक इलाके में कैंपिंग की। इन अधिकारियों में 17वीं डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग भी शामिल थे।

सिलिगुड़ी कॉरिडोर से 5 किमी दूर है ये सड़क

चीनी सेना नाकु ला सेक्टर में सड़क निर्माण करने की कोशिश कर रही है। चीन पहले ही सामरिक लिहाज से बेहद अहम चुंबी घाटी इलाके में सड़क बना चुका है, जिसे वह और विस्तार देने की कोशिश कर रहा है। यह सड़क भारत के सिलिगुड़ी कॉरिडोर या कथित ‘चिकन नेक’ इलाके से महज पांच किमी दूर है। यह सिलिगुड़ी कॉरिडोर ही भारत को नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से जोड़ता है। इसी कारण से भारतीय सैनिकों और चीनी सेना के बीच अक्सर टकराव होता रहता है। साल 2017 में भी टकराव की यही वजह थी जब पीएलए के जवानों को विवादित इलाके में निर्माण कार्य करने से भारतीय सेना ने रोक दिया था।

दोनों देशों के बीच ये है सीमा विवाद

भारत का चीन के साथ लंबे समय से सीमा विवाद है। अक्सर चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं। हालांकि भारतीय सैनिकों की सतर्कता की वजह से वे इसमें कामयाब नहीं हो पाते और इस वजह से सीमा पर ही दोनों में टकराव की स्थिति पैदा हो जाती है। भारत और चीन के बीच चार हजार किमी से अधिक लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) तीन सेक्टरों पूर्वी, मध्य और पश्चिमी सेक्टर में बंटी है। पूर्वी सेक्टर में अरुणाचल का इलाका पड़ता है जिसके 90 हजार वर्ग किमी इलाके पर चीन अपना कब्जा बताता है। मध्य सेक्टर में उत्तराखंड, हिमाचल और सिक्किम हैं। इस इलाके में भी उत्तराखंड के बाराहुती क्षेत्र पर चीन दावा जताता है। पश्चिमी सेक्टर में लद्दाख और अक्साई चिन का इलाका है।

admin