सीएए पर बाकी लोगों से ज़रा हट कर बात कही विराट कोहली ने

विभव देव शुक्ला

देश ने बीते कुछ दिनों में नागरिकता संशोधन अधिनियम का बहुत बड़े पैमाने पर विरोध देखा। देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा इस अधिनियम के विरोध में सड़कों पर था लेकिन सरकार ने भी इस पर अपना मत साफ कर दिया। फिलहाल यह संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है और सरकार इसे लागू करने की तैयारियां भी पूरी कर चुकी है। इस बीच देश की तमाम हस्तियों ने इस मुद्दे पर अपने विचार भी रखे, कुछ ने साथ दिया तो कुछ विरोध में नज़र आए।

बिना जानकारी कुछ नहीं कहूँगा
इस सूची में सबसे नया नाम है भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली। विराट ने कहा कि मैं इस अधिनियम पर कोई टिप्पणी नहीं करने वाला हूँ। जब तक मुझे इस बारे में अच्छे से जानकारी नहीं मिल जाती है। चूंकि उस समय विराट गुवाहाटी में ही थे इसलिए उन्होंने कहा यह शहर पूरी तरह सुरक्षित है। हमें यहाँ तक आने में कोई परेशानी नहीं हुई, हम यहाँ तक बिना किसी परेशानी के आए।
श्रीलंका की टीम से होने वाले पहले टी ट्वेंटी मैच के ठीक पहले विराट ने पत्रकारों से कई मुद्दों पर बातचीत की। जहां तक बात आती है नागरिकता संशोधन अधिनियम की तो मैं इस मामले में गैरज़िम्मेदार नहीं होना चाहता हूँ। इस मुद्दे पर कोई भी बात करने से पहले इसकी पूरी जानकारी होना बहुत ज़रूरी है। मैं किसी ऐसी बहस या विवाद का हिस्सा नहीं बनना चाहता हूँ जिसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है।

कहीं समर्थन तो कहीं विरोध
नागरिकता संशोधन अधिनियम पड़ोसी देश में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को नागरिकता देने की बात करता है। इस सूची में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में रहने वाले हिन्दू, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध और फारसी समुदाय के लोग शामिल हैं। जो 31 दिसंबर साल 2014 के पहले तक भारत में दाखिल हो चुके हैं। इस अधिनियम को लेकर देश के तमाम हिस्सों में जम कर विरोध हुआ और कई हिस्सों में समर्थन भी हुआ।
भारत और श्रीलंका की क्रिकेट टीम के बीच 5 जनवरी को पहला टीट्वेंटी मैच होने वाला है। दोनों टीमों के बीच कुल 3 मैच की सीरीज़ खेली जाएगी।

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