विराट के आक्रामक तेवर ने लैंगर को ‘पंचिंग बैग’ जैसा कराया महसूस

मेलबर्न

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के आक्रामक तेवर को देखकर कई खिलाड़ी हैरान रह जाते हैं। मैदान से बाहर शांत रहने वाले विराट खेल के दौरान मैदान पर कभी-कभी इस तरह का बर्ताव कर गुजरते हैं कि उनकी आलोचना भी होने लगती है। हाल ही में न्यूजीलैंड दौरे के समय दूसरे टेस्ट मैच के दौरान विराट ने जो आक्रामक तेवर दिखाए उससे हर कोई हैरान था। हालांकि ये कोई नई बात नहीं है। विराट का अपना अंदाज है जो किसी को खूब भाता है तो किसी को ये अच्छा नहीं लगता। कुछ इसी तरह की एक बात सामने आई है और इसके बारे में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने बताया।

लैंगर ने अमेजन की हाल ही में रिलीज डाक्यूमेंटरी सीरीज ‘द टेस्ट’ में कहा कि जब टीम इंडिया साल 2018-19 में भारत दौरे पर आई थी उस दौरान विराट कोहली के आक्रामक जश्न को देखकर उन्हें ‘पंचिंग बैग’ जैसा महसूस हुआ था। इसके अलावा उन्होंने क्रिकेट में स्लेजिंग को लेकर दोहरे मानदंड की भी बात कही। विराट कोहली की कप्तानी में साल 2018-19 में भारत ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 2-1 से जीत दर्ज की थी। इसके बाद भारत ने वनडे सीरीज में 2-1 से जीत दर्ज की थी जबकि टी 20 सीरीज 1-1 से ड्रॉ रहा था। भारत की इस जीत को याद करते हुए लैंगर ने कहा कि मुझे याद है जब मुझे पंचिंग बैग जैसा महसूस हुआ था। ऐसा लगा था कि हमारे हाथ पीछे से बंधे हुए हैं। उन्होंने इस वक्त टीम के खिलाड़ियों को विराट कोहली का मुकाबला करने के लिए कहा था, लेकिन साथ ही साथ ये भी कहा था कि स्लेजिंग में अपनी सीमा नहीं पार करनी है। उन्होंने कहा कि स्लेजिंग और अपशब्द कहने में फर्क है। खेल में बदसलूकी के लिए कोई जगह नहीं है। हमें उनके साथ बदसलूकी नहीं करनी है। हालांकि इस टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच के दौरान विराट कोहली और कंगारू कप्तान टिम पेन की आपस में भिड़ंत हो गई थी। हालांकि इस पर पेन ने कहा था कि मुझे लगा कि ज्यादा हो रहा है।

मंकीगेट मेरी कप्तानी का सबसे बुरा पल : पोंटिंग

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने कहा है कि मंकीगेट मामला उनकी कप्तानी का सबसे बुरा पल था। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2007-2008 बॉर्डर-गावस्कर में सिडनी टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के एंड्रयू साइमंड्स और भारत के हरभजन सिंह आपस में भिड़ गए थे और आरोप था कि हरभजन ने साइमंड्स को मंकी यानि बंदर कहा है। हरभजन ने हालांकि इस बात से इनकार किया था। पोंटिंग ने कहा, “मंकीगेट शायद मेरी कप्तानी का सबसे बुरा पल था। मंकीगेट के दौरान जो हुआ उस समय मैं अपने नियंत्रण में नहीं था।” पोंटिंग ने कहा, “वह बुरा पल था, इसलिए भी क्योंकि वह काफी लंबा खिंचा था। मुझे याद है कि मैं एडिलेड टेस्ट में जा रहा था और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के कुछ अधिकारियों से बात कर रहा था, क्योंकि इस मामले की सुनवाई एडिलेड टेस्ट मैच के अंत में थी।” इस विवाद के बाद आईसीसी ने हरभजन पर तीन मैचों का प्रतिबंध लगा दिया गया था।

admin