क्या कहना है ट्रम्प का, ईरान के सैन्य मुखिया की मौत पर

विभव देव शुक्ला

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा अगर ईरान ने अमेरिका पर किसी भी तरह का हमला किया तब अमेरिका भी शांत नहीं बैठेगा। अमेरिकी सेना के निशाने पर ईरान की कुल 52 साइट हैं। ईरान अगर किसी भी सूरत में हमला करता है तो अमेरिका उसका बहुत तेजी और मज़बूती से जवाब देगा।

तेज़ी और मज़बूती से हमला
अपने पूरे बयान में ट्रम्प ने कहा ‘अगर ईरान चाहे तो इसे चेतावनी की तरह ले सकता है। अगर अमेरिका या अमेरिका के संसाधनों पर हमला हुआ तब नतीजा अच्छा नहीं होगा। अमेरिकी सेना ने ईरान की कुल 52 साइट को निशाने पर रखा है (जिन 52 जगहों पर ईरान ने अमेरिकी लोगों को बंधन बना का कर रखा है) जो कि ईरान की संस्कृति के लिए बहुत ही ज़रूरी हैं। हम इन जगहों पर बहुत तेज़ी और मज़बूती से हमला करेंगे।’

अमेरिकी दूतावास पर हमले की योजना
इसके बाद ट्रम्प ने कहा ईरान अमेरिकी संसाधनों को निशाना बनाने के लिए बहुत बुरी तरह बात कर रहा है। जबकि ईरान के सैन्य मुखिया ने खुद एक आतंक की दुनिया बना रखी थी जिसने न जाने कितने अमेरिकी लोगों को जान से मार दिया था। ऐसे लोगों का कहीं कोई ज़िक्र ही नहीं जो उसकी वजह से मारे गए थे। ट्रम्प ने कहा सोलेमनी को मारने का कारण युद्ध को रोकना था ना कि युद्ध शुरू करना। ट्रम्प के मुताबिक सोलेमनी अमेरिकी दूतावास पर हमला करने और अमेरिकी सैनिकों को मारने की योजना बना रहा था।

लिया जाएगा बदला
यह घटना ठीक उसके बाद हुई जब हश्द के कई समर्थकों और सदस्यों ने इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास को उड़ाने की कोशिश की थी। इसके ठीक पहले कतईब हिज्बुल्लाह पर हवाई हमले हुए थे। लेकिन सोलेमनी की मौत के बाद पूरे ईरान में दुख का माहौल है, सोलेमनी को ईरान का दूसरा सबसे ताकतवर व्यक्ति माना जाता था। ईरान के सबसे बड़े नेता अयातुल्लाह खामनई ने इस घटना के कुछ समय बाद ही कहा था, इसका बदला लिया जाएगा।

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