क्या-क्या नहीं है मेरे पास

– पाश

09 सितम्बर 1950 को पंजाब के जालधंर जिले के तलवंडी सलेम में जन्म। लौहकथा, उड्ड्दे बाजाँ मगर, साडे समियाँ विच, लड़ांगे साथी, खिल्लरे होए वर्के आदि प्रमुख कृतियां। 23 मार्च 1988 को निधन।

काव्यांश
क्या-क्या नहीं है मेरे पास
क्या-क्या नहीं है मेरे पास
शाम की रिमझिम
नूर में चमकती ज़िन्दगी

लेकिन मैं हूँ
घिरा हुआ अपनों से
क्या झपट लेगा कोई मुझ से
रात में क्या किसी अनजान में
अन्धकार में क़ैद कर देंगे

मसल देंगे क्या
जीवन से जीवन

अपनों में से मुझ को क्या कर देंगे अलहदा
और अपनों में से ही मुझे बाहर छिटका देंगे
छिटकी इस पोटली में क़ैद है आपकी मौत का इन्तज़ाम
अकूत हूँ सब कुछ हैं मेरे पास
जिसे देखकर तुम समझते हो कुछ नहीं उसमें

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