जब एक डीआईजी साहब ने अपने ईगो को मॉश्चर करने के लिए कांस्टेबल पर फ़ेंका गर्म पानी

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। कुछ लोगों ने अपने ईगो के पहाड़ को दिल्ली के कचरे के पहाड़ से भी ऊंचा बना रखा है। इस ख़बर को पढ़ने के बाद आप यही सोचेंगे कि इतने पढ़े-लिखे लोग आख़िर कैसे इतनी छोटी हरक़त कर जाते हैं।

दरअसल बिहार के राजगीर में सीआरपीएफ के भर्ती प्रशिक्षण केंद्र में ज़्यादा गर्म पानी पीने से अपना मुंह जलने पर एक पुलिस उप महानिरीक्षक ने पानी देने वाले जवान के चेहरे पर कथित तौर पर गर्म पानी फेंक दिया।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने मंगलवार को बिहार के राजगीर में गर्म पानी फेंकने वाले उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अधिकारी के खिलाफ जांच का आदेश दिया है। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी है। बिहार सेक्टर इंस्पेकटर जनरल आरोपी डीआईजी डी के त्रिपाठी के खिलाफ जांच करेंगे।

बल की एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उप महानिरीक्षक डी.के त्रिपाठी संस्था में अधिकारी मेस में रुके हुए थे। उन्होंने यहां ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल अमोल खरात से पीने के लिए गर्म पानी मांगा। इसके बाद कांस्टेबल ने एक थर्मस में उन्हें गर्म पानी दिया जिसे पीकर कथित तौर पर उनका मुंह जल गया। इस बीच उन्होंने खरात को बुलाया उनके बीच बहस हुई और डीआईजी ने अमोल के चेहरे और कपड़ों पर गर्म पानी फेंक दिया।

पीड़ित जवान अमोल को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, मगर अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इस मामले की जांच जारी है, इसलिए डीआईजी ने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

ट्रेनिंग सेंटर के असिस्टेंट कमांडेंट पीएन मिश्रा ने कहा, “अब तक जो हुआ है, वह एक दुर्घटना की ओर इशारा करती है। गर्म पानी से कोई भी घायल हो सकता है।”

यह मामला गुरुवार को प्रकाश में तब आया जब जवान की फोटो डीआईजी पर आरोप के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुई। उम्मीद की जा रही है कि 10 जनवरी तक जांच रिपोर्ट आएगी।

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