जब खेल के मैदान में किसी प्लेयर के नाम की जगह गूंजने लगे मोदी के नारे

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। सीएए का विरोध अपने चरम पर है शायद आपातकाल के बाद अगर किसी कानून का विरोध हो रहा है तो सीएए का है। इससे भी बड़ी अचंभित करने वाला वाक्या ये है कि ये विरोध अब खेल के मैदानों तक पहुँच गया है।

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया मैच के दौरान मंगलवार को सीएए के खिलाफ कुछ लोगों ने नारे लगाए और विरोध प्रदर्शन किया। इसी बीच वहां मौजूद हजारों की संख्या में लोग ”मोदी मोदी” चिल्लाने लगे। ऐसे में सुरक्षा कर्मी तुरंत स्थिति को संभालने उनके पास पहुंचे और उन्हें नारे न लगाने या मैदान के बाहर जाने के लिए कहा।

फ़ोटो क्रेडिट- सरफ़राज़

ये छात्र ने ‘नो सीएए’, ‘नो एनपीआर’, और ‘नो एनपीसी’ वाली टीशर्ट पहने हुए नजर आए। जहां एक तरफ ये छात्र सीएए, एनआरसी और एनपीसी के विरोध में नजर आए, तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इन्हें देखकर स्टेडियम में ही ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। विरोध वाली टीशर्ट पहने छात्र हालांकि भारत की पारी खत्म होने से पहले स्टेडियम से निकल गए।

ये बताया जा रहा है कि ये छात्र ‘मुंबई अगेन्स्ट सीएए’ समूह से जुड़े थे। इस समूह से जुड़े फवाद अहमद ने कहा, “इसमें 26 कुछ 26 लोग शामिल थे, जो विजय मर्चेंट पवेलियन की तरफ बैठे थे। भारतीय टीम का विकेट जल्दी-जल्दी गिरने लगा तब वे खुद ही मैदान से बाहर चले गए।”

फ़ोटो क्रेडिट-फ़हद

इससे पहले कुछ लोगों ने दावा किया था कि आयोजन स्थल पर सीएए के खिलाफ विरोध को रोकने के लिए काले कपड़ों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालांकि इन खबरों पर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) ने कहा कि इस तरह के कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है।

इस विरोध की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर की गईं। यह प्रदर्शन उस वक्त हुआ, जब वानखेड़े स्टेडियम में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के साथ एकदिवसीय मैच खेल रही है। हालांकि इसका मैच पर कोई असर नहीं पड़ा है।

वहीं आज सुबह वनडे मैच उस वक्त थोड़ी देर के लिए रोकना पड़ा जब एक कटी पंतग मैदान पर आ पहुंची। पंतग मैदान में लग स्पाडरकैम वायर्स में फंस गई थी। इस वजह से कुछ देर के लिए मैच बाधित रहा। बता दें कि मकर संक्रांति सप्ताह (15 जनवरी यानी आज है) चल रहा है।

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