कानपुर के बाल संरक्षण गृह में जहां 33 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव हैं वहीं दो किशोरियां गर्भवती पाई गई हैं

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां के राजकीय बाल संरक्षण गृह की कोरोना संक्रमित मरीजों में से दो लड़कियां गर्भवती पाई गई हैं। अब इस घटना के स्वरूप नगर बालिका संरक्षण गृह से लेकर शासन तक में हड़कंप मच गया है।

बाल संरक्षण गृह की 33 किशोरियों में कोरोना के लक्षण

दरअसल तीन दिन पूर्व राजकीय बाल संरक्षण गृह की 33 किशोरियों में कोरोना के लक्षण दिखाई दिए थे। इसके बाद उन सभी के टेस्ट सैंपल लिए गए। रिपोर्ट आने के बाद बाल संरक्षण गृह में हड़कंप मच गया था।

सभी 33 किशोरियां कोरोना पॉजिटिव निकली थीं। इसके बाद स्वास्थ्य महकमे की टीम ने उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान ये बात सामने आयी कि दो किशोरियां गर्भवती हैं।

गर्भवती होने के साथ एक एचआईवी से भी ग्रसित

संक्रमित बालिकाओं को जब कोविड-19 के इलाज के लिए रामा मेडिकल कॉलेज भेजा गया तो वहां जांच में पाया कि दो 17 साल की किशोरियां गर्भवती है। गर्भवती होने के साथ ही एक एचआईवी से और दूसरी हेपेटाइटिस सी के संक्रमण से भी ग्रसित है। दोनों गर्भवती किशोरियों को जज्चा-बच्चा हॉस्पिटल भेजा गया है।

स्वरूप नगर स्थित राजकीय बालिका गृह को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। बालिका गृह के स्टॉफ को क्‍वारंटीन कराया गया है। डॉक्टरों के पास दोनों किशारियों की किसी भी प्रकार की बैक हिस्ट्री नहीं है।

डॉक्टरों ने दोनों गर्भवती किशोरियों की बैक हिस्ट्री को समझने के लिए अधिकारियों से संपर्क किया। इस अधिकारियों का कहना है कि दोनों किशोरियां कब बालिका गृह आईं और कब गर्भवती हुईं इसकी जानकारी नहीं है।

किशारियों की किसी भी प्रकार की बैक हिस्ट्री नहीं है

अभी अन्य युवतियों को क्वारेंटाइन कर दिया गया है, जिनसे उनके बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है कि आखिर ये किशोरियां और किन-किन के संपर्क में आई थीं। उनकी भी जानकारी ली जा रही है।

सीएमओ अशोक कुमार शुक्ला का कहना है कि उन्हें दोनों किशोरियों के गर्भवती होने की जानकारी नहीं है। यह विभाग मेरा नहीं है। उनका कहना है कि मेरे काम कोरोना पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना है।

उनके लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना मेरी जिम्मेदारी है। यह गर्भवती है या एचआईवी पॉजिटिव इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन से मिल सकती है।

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